Cool Places To Visit In Up During Summer : चिलचिलाती गर्मी का टॉर्चर शुरू हो चुका है! ऐसे में मन करता है कि ऐसी जगह निकल पड़ने का जहां की हवा में ठंडक हो. आमतौर पर लोग गर्मी की छुट्टियों में पहाड़ों का रुख करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे उत्तर प्रदेश में ही ऐसी कई छिपी हुई जगहें हैं, जो किसी हिल स्टेशन से कम नहीं हैं? पीलीभीत के ‘मिनी गोवा’ से लेकर चित्रकूट की ठंडी गुफाओं तक, यूपी के ये 6 ठिकाने आपको न सिर्फ सुकून देंगे बल्कि आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेंगे. तो बस, बैग पैक करिए और निकल पड़िए यूपी के इन ‘कूल’ डेस्टिनेशन्स की सैर पर!
1. पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच
शारदा सागर बांध के किनारे स्थित ‘चूका बीच’ आपको गोवा जैसा अहसास कराएगा. घने साल के जंगलों के बीच बने ‘थारू हट’ में रुकना एक अलग ही दुनिया का अहसास है. नेपाल सीमा से सटा पीलीभीत टाइगर रिजर्व गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं है. यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण ‘चूका बीच’ है, जो शारदा सागर बांध के किनारे स्थित है. घने साल के जंगलों के बीच बने ‘थारू हट’ (Tharu Huts) में रुकना आपको एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है. सुबह की सफारी में आप बाघ और दुर्लभ पक्षियों को देख सकते हैं, जबकि शाम को नदी के किनारे चलने वाली ठंडी हवाएं आपको पहाड़ों जैसा अहसास देंगी.
कैसे पहुँचें: नजदीकी रेलवे स्टेशन पीलीभीत जंक्शन है. बरेली हवाई अड्डा (95 किमी) सबसे पास है.
खास टिप: सुबह 6:00 से 9:30 बजे की जंगल सफारी में बाघ दिखने की सबसे ज्यादा संभावना होती है.
2. चित्रकूट: यूपी का अपना हिल स्टेशन
मंदाकिनी नदी के तट पर बसा चित्रकूट धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी प्राकृतिक बनावट के लिए भी मशहूर है. यहाँ की ‘गुप्त गोदावरी’ गुफाएँ गर्मियों में सबसे ज्यादा राहत देती हैं; गुफा के भीतर का तापमान बाहर के मुकाबले काफी कम होता है और पैरों के नीचे से बहता शीतल जल थकान मिटा देता है. इसके अलावा हनुमान धारा और सती अनुसुइया आश्रम में पहाड़ों से गिरते झरने वातावरण को ठंडा बनाए रखते हैं.
कैसे पहुँचें: चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन अच्छी तरह जुड़ा है. प्रयागराज एयरपोर्ट से यह लगभग 130 किमी दूर है.
कहाँ रुकें: यूपी टूरिज्म का ‘राही पर्यटक आवास’ या रामघाट के पास स्थित निजी होटल्स.
खास टिप: शाम को रामघाट पर होने वाली आरती और मंदाकिनी में नौका विहार मिस न करें.
3. मिर्जापुर के मनमोहक झरने
विंध्य पहाड़ियों के बीच बसे मिर्जापुर में विंढम फॉल और टांडा जलप्रपात जैसे कई झरने हैं. चट्टानों के बीच से गिरता ठंडा पानी पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. अगर आपको वॉटरफॉल्स और रॉक क्लाइम्बिंग पसंद है, तो मिर्जापुर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है. विंध्य की पहाड़ियों के बीच बसे इस जिले में विंढम फॉल, टांडा जलप्रपात और लखनिया दरी जैसे कई शानदार झरने हैं. वाराणसी के पास स्थित ये जगहें पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं. यहाँ की ऊंची चट्टानों से गिरता दूधिया पानी न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि इसके आसपास की नमी गर्मी के अहसास को कम कर देती है.
कैसे पहुँचें: मिर्जापुर रेलवे स्टेशन मुख्य रूट पर है. वाराणसी से टैक्सी द्वारा यहाँ 2 घंटे में पहुँचा जा सकता है.
कहाँ रुकें: विंध्याचल के पास कई धर्मशालाएं और होटल्स उपलब्ध हैं.
खास टिप: लखनिया दरी झरने के लिए छोटी सी ट्रैकिंग करनी पड़ती है, इसलिए आरामदायक जूते पहनें.
4. दुधवा नेशनल पार्क की जैव विविधता
लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क तराई क्षेत्र का हिस्सा है, जिसकी वजह से यहाँ की हरियाली और नमी मौजूद रहती है. 15 जून तक पर्यटकों के लिए खुला रहने वाला यह पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है. यहाँ की घनी छतरीनुमा पेड़ धूप को जमीन तक नहीं पहुँचने देते. गर्मी के दिनों में यहाँ के जलाशयों के पास बाघों और गैंडों को पानी पीते देखना एक रोमांचक अनुभव होता है, जो बच्चों के लिए भी काफी शिक्षाप्रद हो सकता है.
कैसे पहुँचें: नजदीकी स्टेशन पलिया कलां है. लखनऊ एयरपोर्ट से यह करीब 220 किमी दूर है.
कहाँ रुकें: दुधवा फॉरेस्ट रेस्ट हाउस (यूपी फॉरेस्ट विभाग की साइट से बुकिंग करें).
खास टिप: यह पार्क 15 जून तक ही खुला रहता है, इसलिए ट्रिप प्लान करने में देरी न करें.
5. चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य
वाराणसी के पास चंदौली जिले में स्थित यह जगह अपने ‘राजदारी’ और ‘देवदारी’ झरनों के लिए मशहूर है. घने जंगलों के बीच ये झरने तापमान को काफी कम कर देते हैं. वाराणसी से महज 70 किलोमीटर दूर स्थित यह अभयारण्य अपनी शांति और झरनों के लिए जाना जाता है. घने जंगलों के बीच सीढ़ीदार चट्टानों से गिरता पानी एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर का काम करता है. ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह जगह बेस्ट है, जहाँ आप शहरी शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में खो सकते हैं.
कैसे पहुँचें: वाराणसी से निजी वाहन या टैक्सी द्वारा 70 किमी का सफर तय कर यहाँ पहुँच सकते हैं.
कहाँ रुकें: वाराणसी में रुकना सबसे अच्छा विकल्प है, जहाँ से आप ‘डे ट्रिप’ (Day Trip) प्लान कर सकते हैं.
खास टिप: अपने साथ खाने-पीने का सामान ले जाएं, क्योंकि अभयारण्य के अंदर अच्छे रेस्टोरेंट कम हैं.
6. सोनभद्र: पहाड़ियों और किलों का संगम
सोनभद्र का विजयगढ़ किला और मुक्खा फॉल गर्मी की छुट्टियों के लिए ऑफबीट विकल्प हैं. यहाँ की पहाड़ियों से दिखने वाला सूर्यास्त काफी सुकून भरा होता है.
कैसे पहुँचें: रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) नजदीकी रेलवे स्टेशन है. वाराणसी से सड़क मार्ग द्वारा यह 3-4 घंटे की दूरी पर है.
कहाँ रुकें: रॉबर्ट्सगंज में कई किफायती होटल्स और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं.
खास टिप: फॉसिल पार्क (Fossil Park) जरूर देखें, जहाँ करोड़ों साल पुराने जीवाश्म मौजूद हैं.
सुकून पाने के लिए हमेशा दूर जाने की जरूरत नहीं होती. यूपी के ये ठिकाने आपकी गर्मी की छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं.