समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में 206 बच्चे ईरान में, 118 लेबनान में, चार इजरायल में और एक कुवैत में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से हर दिन औसतन 87 बच्चे या तो मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। मौत और चोटों के अलावा, लगातार हो रही बमबारी और लोगों को जगह खाली करने के आदेशों के कारण कई देशों में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
ईरान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुमान के मुताबिक करीब 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें लगभग 8 लाख 64 हजार बच्चे शामिल हैं। वहीं लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ चुके हैं, जिनमें करीब 3 लाख 70 हजार बच्चे हैं।





