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Summer Eye Care Tips: गर्मियों में तेज धूप, धूल और गर्म हवाएं आंखों के लिए कई समस्याएं पैदा कर सकती हैं. इस मौसम में आई फ्लू, ड्राई आई, एलर्जी और सनबर्न का खतरा बढ़ जाता है. इन परेशानियों से बचने के लिए आंखों की साफ-सफाई, पर्याप्त पानी पीना और UV-प्रोटेक्टिव चश्मा पहनना बेहद जरूरी है. अगर परेशानी ज्यादा हो, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें.
गर्मियों में बाहर निकलते वक्त सनग्लास जरूर लगाएं और टियर ड्रॉप्स यूज करें.
How Summer Affects Eye Health: गर्मियों में चिलचिलाती धूप हमारी आंखों के लिए भी परेशानी पैदा कर देती है. तेज धूप में बाहर निकलने पर आंखों में परेशानी महसूस होने लगती है. तेज अल्ट्रावायलेट किरणें, धूल भरी हवाएं और बढ़ता तापमान आंखों के लिए नुकसानदायक है. अधिकतर लोग स्किन को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगा लेते हैं, लेकिन आंखों की सुरक्षा नहीं करते हैं. इसकी वजह से आंखों में एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस, ड्राई आई और जलन जैसी समस्याएं हो जाती हैं. डॉक्टर्स की मानें तो गर्मियों में आंखों का भी विशेष खयाल रखना चाहिए, ताकि आंखें हेल्दी बनी रहें.
नई दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर और रिफ्रेक्टिव सर्जन डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया कि गर्मियों में आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस के मामले तेजी से बढ़ते हैं. यह संक्रमण बैक्टीरिया या वायरस की वजह से होता है, जिससे आंखें लाल हो जाती हैं, उनमें खुजली होती है और चिपचिपा पदार्थ निकलने लगता है. पसीने के कारण हम बार-बार अपनी आंखों को छूते हैं, जिससे हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया आंखों तक पहुंच जाते हैं. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप अपने हाथों को बार-बार धोएं और संक्रमित व्यक्ति की चीजों का इस्तेमाल न करें.
डॉक्टर ने बताया कि तेज गर्मी और लू के कारण आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है और इससे आंखों में ड्राइनेस आने लगती है. इसके अलावा गर्मियों में हम लंबे समय तक एयर कंडीशनर के सामने बैठते हैं, जो आंखों के आंसू सुखा देता है. इससे आंखों में जलन, रेत जैसा महसूस होना और धुंधलापन आ सकता है. इससे बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह पर लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. गर्मियों में धूल-मिट्टी और पसीने के कारण आंखों की पलकों के पास मौजूद तेल ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिससे वहां गांठ या दाना निकल आता है, जिसे गुहेरी कहते हैं. इससे बचने के लिए आंखों की सफाई का खास ख्याल रखें. बाहर से आने के बाद चेहरा जरूर धोएं और आंखों के पास गंदगी जमा न होने दें.
एक्सपर्ट के मुताबिक सूरज की तेज UV किरणें न केवल स्किन को बर्न करती हैं, बल्कि आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसे फोटोकैराटाइटिस कहा जाता है और आसान भाषा में आंखों का सनबर्न कह सकते हैं. इसके लक्षणों में अत्यधिक दर्द, पानी आना और लाइट सेंसिटिविटी शामिल है. गर्मियों में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है. इस दौरान बाहर निकलने से बचें या हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले UV-प्रोटेक्टिव सनग्लासेस का प्रयोग करें.
डॉक्टर ग्रोवर की मानें तो गर्मियों में हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्व आंखों की एलर्जी का कारण बनते हैं. इसके कारण आंखों में लगातार खुजली और जलन बनी रहती है. कई बार लोग खुजली होने पर आंखों को जोर से रगड़ देते हैं, जिससे कॉर्निया पर खरोंच आ सकती है. एलर्जी से बचने के लिए बाहर निकलते समय बड़े फ्रेम वाले चश्मे पहनें, ताकि धूल सीधी आंखों में न जाए. आंखों को रगड़ने के बजाय ठंडे कपड़े से सिकाई करें. इसके अलावा गर्मियों में आंखों को सुरक्षित रखने के लिए हाइड्रेटेड रहना सबसे जरूरी है. भरपूर पानी पिएं ताकि शरीर में नमी बनी रहे. स्विमिंग पूल में जाते समय गॉगल्स का इस्तेमाल करें, क्योंकि पूल के क्लोरीन से आंखों में जलन हो सकती है. आंखों में कोई समस्या हो, तो डॉक्टर से कंसल्ट करें.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





