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Sultanpur Picnic Spot: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी और शांत जगहों पर घूमने का प्लान बनाने लगते हैं. ऐसे में सुल्तानपुर में भी कई खूबसूरत पिकनिक स्पॉट मौजूद हैं, जहां परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरा समय बिताया जा सकता है. ये स्थान प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाने जाते है. यहां पहुंचकर लोग गर्मी से राहत के साथ खुली हवा में घूमने, फोटो खींचने और बच्चों के साथ समय बिताने का आनंद ले सकते है. इन पिकनिक स्पॉट पर सुबह और शाम का समय सबसे बेहतर माना जाता है, जब मौसम सुहावना रहता है. आसपास पेड़-पौधों की हरियाली, साफ वातावरण और शांत माहौल लोगों को शहर की भीड़भाड़ से दूर आराम का अनुभव कराते है. स्थानीय लोग भी छुट्टियों और सप्ताहांत पर इन स्थानों पर परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचते है. यदि आप भी गर्मी में कहीं घूमने का प्लान बना रहे है तो ये पांच पिकनिक स्पॉट आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते है.
अगर आप अपने परिवार के साथ सुल्तानपुर में बेहतर पिकनिक स्पॉट का आनंद लेना चाहते है तो कमल सरोवर एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यहां लोग आकर अपने मस्तिष्क को तरो ताजा करते है. यहां के दृश्य को देखकर सब मन मोहित हो जाते है. इस सरोवर में बच्चों के खेलने के लिए झूले, लोगों को बैठने के लिए सीट और व्यायाम करने के लिए उपयुक्त जगह उपलब्ध है. साथ ही सरोवर के अंदर कई तरह के ऐसे फूल के पौधे लगाए गए है. जिसमें साल भर फूल खिलते रहते है. पर्यटकों के लिए यह जगह बेहद ही खूबसूरत है.

सुल्तानपुर शहर का पर्यावरण पार्क पिकनिक स्पॉट के लिए एक बेहतर स्थान माना जाता है. यह शहर वासियों के लिए सुबह-शाम मनोरंजन और व्यायाम के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है और साथ ही यह सुल्तानपुर वासियों के लिए पर्यटन का भी बेहतर स्थल है. गोमती नदी के किनारे मौजूद यह पार्क अपनी सुन्दरता और बेहतर संरचना के चलते लोगों का सबसे पसंदीदा स्थल है. शहर स्थित पर्यावरण पार्क के खुलने और बंद होने का समय मौसम के अनुसार तय किया गया है. सर्दी के मौसम में यह पार्क सुबह 5 बजे से लेकर 10 बजे तक और दोपहर को 2 बजे से लेकर 5 बजे तक खुला रहता है. यहां पर आपको शांति सुकून और पर्यावरण का आनंद मिलेगा.

अगर आप अपने परिवार के साथ एक अच्छी पिकनिक स्पॉट की तलाश में है तो नंदगांव का अमृत कुंड आपके लिए एक बेहतर स्थल है या सुल्तानपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर लखनऊ वाराणसी हाईवे पर स्थित है. जहां पर सात नदियों का पानी इकट्ठा किया गया है. यहां पर आप अपने बच्चों के साथ पिकनिक के तौर पर जा सकते हैं. यहीं पर एक नंदगांव ढाबा बनाया गया है जिसमें प्रवेश करते ही आपको एक अमृत कुंड बना हुआ दिखाई देगा. इस कुंड में कई तरह के औषधीय पौधे लगाए गए हैं जो लोगों की सेहत के लिए काफी लाभदायक माने जाते हैं.इस कुंड में बैठने के लिए सीट की भी व्यवस्था की गई है तथा इसमें सात नदियों का पानी डाला गया है. इसके अलावा ढाबे के अंदर बच्चों के खेलने के लिए कई तरह के झूले तथा कुछ ऊंचाई पर मचान चारपाई एवं ग्रामीण उत्पादन से निर्मित मचिया तथा सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है.
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सुल्तानपुर जिले में मौजूद दियरा स्टेट की खूबसूरती अद्भुत है क्योंकि इसके बगल से ही गोमती नदी गुजरती है जो इस राज महल की खूबसूरती को दोगुना कर देती है. नक्काशीदार बनी दिवाल और पारंपरिक तरीके से इस्तेमाल की गई लकड़ियां तत्कालीन संरचनात्मक संस्कृति को तरोताजा कर देती हैं. यहां भी आप लोग अपने बच्चों के साथ घूमने जा सकते हैं. यह सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर दियरा गांव में है.

सुल्तानपुर जिले के बेलहरी गांव में 84 बाबा धाम का आश्रम है. जहां महर्षि दत्तात्रेय सदानंद स्वामी जी रहते थे उनकी उम्र लगभग 100 वर्ष से अधिक थी वह सिख धर्म को मानने और सिख धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिए आश्रम की स्थापना करवाए. यदि आप शांति सुकून और पर्यावरण प्राकृतिक माहौल की तलाश में है तो यह स्थल आपके लिए काफी अद्भुत है क्योंकि यहां पर एक सुंदर तालाब बनाया गया है इसके साथ ही रंग-बिरंगे फूल और कई तरह के पेड़ पौधे लगाए गए जहां पर आप कुछ घंटे बैठकर शांति और सुकून महसूस करेंगे





