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7 Flower Valleys: हर साल जैसे ही कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन खिलता है, सोशल मीडिया पर तस्वीरों की बाढ़ आ जाती है. लोग प्लान बनाने लगते हैं “इस बार तो कश्मीर जाना ही है.” लेकिन क्या सच में फूलों की खूबसूरती देखने के लिए सिर्फ कश्मीर ही जाना जरूरी है? भारत के अलग-अलग कोनों में ऐसी कई जगहें हैं, जहां मौसम बदलते ही धरती रंगों से भर उठती है. दिलचस्प बात ये है कि इन जगहों की खूबसूरती कई बार यूरोप के चर्चित फूलों वाले देशों को भी टक्कर देती नजर आती है. अगर आप भी ट्रैवल लिस्ट अपडेट करने की सोच रहे हैं, तो ये जगहें आपको चौंका सकती हैं और शायद अगली टिकट भी यहीं की बुक हो जाए.
कश्मीर के अलावा यहां खिलती है असली रंगों की दुनिया वैली ऑफ फ्लावर्स, उत्तराखंड उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसी यह घाटी किसी सपने जैसी लगती है. जून से सितंबर के बीच जब यहां फूल खिलते हैं, तो पूरा इलाका रंगीन कालीन में बदल जाता है. ट्रेकिंग करने वालों के लिए यह जगह किसी इनाम से कम नहीं. कई लोग बताते हैं कि पहली बार यहां पहुंचने पर उन्हें यकीन ही नहीं होता कि यह भारत में है.

शिलॉन्ग चेरी ब्लॉसम, मेघालय चेरी ब्लॉसम देखने के लिए लोग जापान जाने का सपना देखते हैं, लेकिन भारत में भी इसका खूबसूरत अनुभव मिलता है. अक्टूबर-नवंबर में शिलॉन्ग गुलाबी रंग में रंग जाता है. यहां होने वाला चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल इस अनुभव को और खास बना देता है म्यूजिक, फूड और फूल, सब कुछ एक साथ.

मुन्नार, केरल मुन्नार का नाम सुनते ही चाय बागानों की तस्वीर सामने आती है, लेकिन यहां का असली जादू नीलकुरिंजी फूल में छिपा है. यह फूल हर 12 साल में एक बार खिलता है और जब खिलता है, तो पूरी पहाड़ियों को नीले रंग में रंग देता है. जो लोग इसे देख चुके हैं, वे इसे जिंदगी का सबसे यादगार दृश्य बताते हैं.
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लालबाग बॉटनिकल गार्डन, बेंगलुरु अगर आप बिना लंबी यात्रा के फूलों की दुनिया देखना चाहते हैं, तो बेंगलुरु का लालबाग एक आसान विकल्प है. यहां साल में दो बार होने वाला फ्लावर शो लोगों को खासा आकर्षित करता है. रंग-बिरंगे फूलों को अलग-अलग डिजाइनों में सजाया जाता है, जो देखने में किसी आर्ट गैलरी जैसा लगता है.

युमथांग वैली, सिक्किम करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित युमथांग वैली को “पूर्व का फूलों का स्वर्ग” कहा जाता है. अप्रैल से जून के बीच यहां रोडोडेंड्रॉन और कई दुर्लभ फूल खिलते हैं. ठंडी हवा, दूर तक फैले रंग और शांति यह कॉम्बिनेशन शहर की भागदौड़ से बिल्कुल अलग अनुभव देता है.

कास पठार, महाराष्ट्र मॉनसून आते ही सतारा का कास पठार अचानक बदल जाता है. जहां कुछ हफ्ते पहले सिर्फ चट्टानें दिखती थीं, वहीं अब सैकड़ों तरह के छोटे-छोटे फूल खिल उठते हैं. स्थानीय लोग इसे “महाराष्ट्र की वैली ऑफ फ्लावर्स” कहते हैं. खास बात यह है कि यहां की जैव विविधता बेहद अनोखी है.

जुकू वैली, नागालैंड-मणिपुर अगर आप भीड़ से दूर, शांत और कच्ची प्रकृति देखना चाहते हैं, तो जुकू वैली एक बेहतरीन विकल्प है. मानसून के दौरान यहां हरे मैदानों के बीच छोटे-छोटे फूल खिलते हैं. Dzukou Lily यहां का खास आकर्षण है. ट्रेक थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद का नजारा सब थकान भुला देता है.





