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Iran US-Israel War: 28 फरवरी को शुरू हुआ इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष अब पूरी तरह से ‘एनर्जी वॉर’ में बदल चुका है. ईरान ने F-35 को नुकसान पहुंचाकर और डिएगो गार्सिया तक मिसाइलें भेजकर अपनी ताकत का अहसास कराया है. दूसरी ओर, ग्लोबल मार्केट में बढ़ती महंगाई ने ट्रंप को मजबूर कर दिया है कि वह इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने का रास्ता ढूंढें.
F-35 बना निशाना, डिएगो गार्सिया पर हमला, अब ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म करने के दिए संकेत (AI Photo)
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने पिछले महीने के आखिर में जब ईरान पर हमला बोला, तब शायद उसे अंदाजा नहीं था कि संघर्ष लंबा खिंचेगा. इजराइल के ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड ‘साउथ पार्स’ पर हमले के बाद तेहरान ने जो पलटवार किया, उसने वॉशिंगटन की नींद उड़ा दी है. ईरान के इन हमलों का असर इतना गहरा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुद सोशल मीडिया पर आकर ‘युद्ध खत्म’ करने के संकेत देने पड़े. शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर अपनी एक पोस्ट में ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका अब इस युद्ध को ‘वाइंड डाउन’ (खत्म) करने की सोच रहा है. ट्रंप ने लिखा, ‘हम अपने लक्ष्यों को पूरा करने के बहुत करीब हैं. हम मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकी शासन के खिलाफ अपने महान सैन्य प्रयासों को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं.’
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह यू-टर्न अचानक नहीं है. ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट (रास लफान) पर हमला करके ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तबाही मचा दी है. इसके बाद से दुनिया भर में गैस और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे ट्रंप पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है.
“We are getting very close to meeting our objectives as we consider winding down our great Military efforts in the Middle East with respect to the Terrorist Regime of Iran…” – President Donald J. Trump pic.twitter.com/YBG9l492Kf





