राघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “14 साल पहले: ‘इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध’ नाकाम रहे। आठ साल पहले: ‘अधिकतम दबाव’ नाकाम रहा। पांच महीने पहले: ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ नाकाम रहा। आज: ‘अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान’ यह भी नाकाम रहेगा।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ ‘अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान’ चलाया जाएगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “यह अभूतपूर्व स्तर का आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा।” उन्होंने इस कदम को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ भी बताया।




