फ्लोरिडा: एक मां अपने बच्चे के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती है, लेकिन हाल ही में एक मां ही अपने बच्चे की दर्दनाक मौत का कारण बनी. मां मोबाइल की स्क्रीन से चिपकी रही, बच्चा दर्द से चीखता रहा, उसका शरीर नीला पड़ गया लेकिन मां ने उठकर उसे अस्पताल तक नहीं पहुंचाया. जब मोहल्ले भरे में हाहाकार मचा तब पुलिस की एंट्री हुई. बच्चे की जान जाने के बाद इस बेशर्म मां ने पुलिस को 2 नई-नई कहानियां सुनाई, जो पोस्टमार्टम रिपोर्टस से बिलकुल मैच नहीं खाती थीं.
बेदर्द मां को होगी 30 साल की जेल!
ये मामला अमेरिका के फ्लोरिडा जहां स्क्रीन की लत और अश्लील वीडियो की सनक ने एक छह महीने के मासूम की जान ले ली. जब मासूम दर्द से तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहा था, तब उसकी 26 साल की जन्म देने वाली मां घंटों मोबाइल पर रील देखने, टिक-टॉक स्क्रॉल करने और अश्लील वीडियो देखने में मशगूल थी.
इस खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी मां तातियाना नॉर्मन को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर ‘अत्यधिक बाल उत्पीड़न’ का केस दर्ज किया गया है और अगर अदालत में सारे आरोप साबित हो गए तो उसे कम से कम 30 साल जेल में सड़ना पड़ेगा.
कैसे गई बच्चे की जान?
मामला 29 जून का है. 26 साल की तातियाना नॉर्मन अपने छह महीने के बच्चे और एक अन्य बच्चे के साथ घर पर अकेली थी. पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, बच्चे की हालत लगातार बिगड़ रही थी. वो दर्द से चीख रहा था, उसका शरीर नीला पड़ रहा था, लेकिन तातियाना का दिल नहीं पसीजा. अस्पताल ले जाने या इमरजेंसी पर कॉल करने के बजाय वो अपने फोन से चिपकी रही.
‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बच्चा अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था, तब तातियाना घंटों मोबाइल पर टिक-टॉक वीडियो देखती रही, अश्लील वेबसाइटें खंगालती रही और बेहद लापरवाही से इंटरनेट पर बच्चे के लक्षणों के बारे में सर्च करती रही. अगर समय रहते बच्चे को इलाज मिल जाता तो शायद डॉक्टर उस मासूम की जान बचा लेते, लेकिन मां की संवेदनहीनता ने बच्चे से उसकी जिंदगी छीन ली.
झूठ का जाल और पोस्टमार्टम की कड़वी सच्चाई
जब बच्चे ने दम तोड़ दिया, तो तातियाना ने खुद को बचाने के लिए झूठी कहानियों का जाल बुनना शुरू कर दिया. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को खूब गुमराह किया और 3 अलग-अलग कहानियां सुनाई
- पहले उसने कहा कि बच्चा अचानक बिस्तर से नीचे गिर गया था. फिर उसने अपनी कहानी बदलकर किसी और हादसे का बहाना बनाया.
- महिला ने स्वीकार किया कि वो दो बच्चों को पालते हुए काफी थक चुकी थी और गुस्से में उसने बच्चे को प्लेपेन में जोर से फेंक दिया था, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोट आई.
- इससे एक दिन पहले टीवी का रिमोट ढूंढते हुए कथित तौर पर उसके हाथ से बच्चा छिटक कर गिर गया था. उसने कहा कि वो डिप्रेशन में थी और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में मिले सबूतों ने तातियाना के हर झूठ की धज्जियां उड़ा दीं. डॉक्टर और पुलिस अफसर भी बच्चे के शरीर पर लगे गंभीर निशानों को देखकर सन्न रह गए.
गुस्से में प्लेपेन में फेंका, सिर पर लगी गहरी चोट
जब फॉरेंसिक सबूतों के सामने तातियाना का कोई बहाना नहीं चला, तो उसने पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने जो सच बताया, वह किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है.
तातियाना ने कुबूल किया कि वह दो बच्चों को अकेले संभालते-संभालते बेहद थक चुकी थी. चिड़चिड़ाहट और गुस्से में आकर उसने छह महीने के मासूम को बड़ी बेरहमी से उसके प्लेपेन यानी बच्चों के खेलने की जगह में जोर से फेंक दिया. इससे बच्चे के सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आईं.
तनाव और डिप्रेशन का बहाना, पुलिस की सख्त कार्रवाई
पकड़े जाने के बाद तातियाना ने अपनी ढाल बनाने के लिए दिमागी बीमारी और अवसाद का राग अलापना शुरू कर दिया. उसने दावा किया कि वो भारी मानसिक तनाव से जूझ रही थी, जिसकी वजह से उससे ये कदम उठा.
हालांकि, पुलिस और अभियोजकों का कहना है कि डिप्रेशन या तनाव किसी मासूम पर जानलेवा अत्याचार करने की वजह नहीं हो सकता. पुलिस अधिकारी तातियाना के मानसिक तनाव वाले दावों की जांच करवा रहे हैं.




