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Pali Monsoon Tourism: अगर आप राजस्थान में शाही अंदाज के साथ मानसून वेकेशन बिताना चाहते हैं, तो पाली का रावला नारलाई बेहतरीन विकल्प है. अरावली की हरियाली, ऐतिहासिक हवेली, हाथी चट्टान, प्राचीन बावड़ी और राजस्थानी संस्कृति यहां की पहचान हैं. बारिश के मौसम में यह पूरा इलाका हरियाली और बादलों से घिरकर बेहद आकर्षक नजर आता है. पर्यटक यहां लेपर्ड सफारी, हेरिटेज वॉक और लोक संगीत के बीच डिनर का आनंद ले सकते हैं. प्रीमियम हेरिटेज रिसॉर्ट होने के कारण यहां ठहरने का खर्च 12,000 से 25,000 या उससे अधिक प्रति रात तक हो सकता है.
राजस्थान के पाली जिले में स्थित रावला नारलाई’ हेरिटेज संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का एक बेजोड़ मेल है. कभी जोधपुर राजघराने का शिकारगाह (हंटिंग लॉज) रहा यह ठिकाना अब एक बेहद खूबसूरत बुटीक हेरिटेज रिसॉर्ट का रूप ले चुका है. अरावली की प्राचीन पर्वतमालाओं और विशाल ग्रेनाइट चट्टानों की गोद में बसा यह क्षेत्र शांति और शाही वैभव की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है.
इस रावला की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारंपरिक राजस्थानी वास्तुकला और बनावट है. संगमरमर, बलुआ पत्थर, नक्काशीदार मेहराबों और झरोखों से सजे इस परिसर में प्रवेश करते ही पुराने दौर की यादें ताजा हो जाती है. फूलों से सजे खुले आंगन, प्राचीन एंटीक फर्नीचर, ब्लॉक प्रिंटेड कपड़े और दीवार पर सजी शाही तस्वीरें इसकी नक्काशी और खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. विरासत के साथ-साथ आधुनिक सुख-सुविधाओं का संतुलन इस जगह को बेहद खास बनाता है.
रिसॉर्ट के ठीक सामने स्थित विशाल ‘एलिफेंट रॉक’ यानि की हाथी चट्टान और उस पर स्थापित हाथी की मूर्ति आकर्षण का मुख्य केंद्र है. इसके अलावा, 11वीं सदी की ऐतिहासिक बावड़ी में दीयों की रोशनी और लोक संगीत के बीच डिनर का अनुभव पर्यटकों को एक जादुई दुनिया में ले जाता है. गोडवाड़ क्षेत्र में होने वाली लेपर्ड सफारी, पुराने जैन व शिव मंदिर तथा गांव की पैदल सैर यहां की प्रमुख एक्टिविटी हैं. जो यहां पर पर्यटकों को अपनी और न केवल खीचती है बल्कि यहां रूकने पर मजबूर भी करती है.
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मानसून के मौसम में नारलाई का पूरा नजारा पूरी तरह बदल जाता है और यह किसी जन्नत से कम नजर नहीं आता. बारिश की फुहारों के साथ ही अरावली की सूखी पहाड़ियां मखमली हरियाली से ढक जाती है और ग्रेनाइट चट्टानों पर धुंध व बादलों की चादर लिपट जाती है. बारिश के बाद का सुहावना मौसम, पक्षियों की चहचहाहट और रिसॉर्ट के हरे-भरे आंगन का नजारा सैलानियों को एक सुकून देने वाला अहसास कराता है.
बात अगर बजट की करें तो रावला नारलाई एक प्रीमियम ‘लक्जरी हेरिटेज’ स्टे की श्रेणी में आता है. यहां एक रात ठहरने का किराया सीजन और कमरे की श्रेणी यानी क्लासिक रूम से लेकर शाही सुइट तक के आधार पर लगभग 12,000 से 25,000 या उससे अधिक प्रति रात तक रहता है. यह आम बजट होटलों से थोड़ा महंगा है, लेकिन शाही आतिथ्य, ऐतिहासिक अनुभव और मानसून के दौरान होने वाले खूबसूरत नजारे का आनंद आप यहां पर ले सकते है.




