khati village bageshwar uttarakhand | offbeat hill station uttarakhand | उत्तराखंड गर्मियों में घूमने की जगह |


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Offbeat Hill Station Uttarakhand: चिलचिलाती गर्मी और मैदानों के बढ़ते पारे से परेशान लोगों के लिए उत्तराखंड के बागेश्वर का ‘खाती गाँव’ एक परफेक्ट समर डेस्टिनेशन बन चुका है. समुद्र तल से करीब 2,210 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस खूबसूरत गाँव का मौसम इन दिनों भी बेहद सुहावना और ठंडा है. पिंडारी और कफनी ग्लेशियर ट्रेक का मुख्य पड़ाव होने के कारण यह जगह एडवेंचर पसंद युवाओं, प्रकृति प्रेमियों और परिवारों के लिए सुकून का नया ठिकाना बन गई है. अगर आप भी इस गर्मी फैमिली के साथ घूमने की कोई जगह ढूंढ रहे हैं तो ये डेस्टिनेशन आपके लिए परफेक्ट हो सकती है.

बागेश्वर का खाती गांव इन दिनों गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी जगह है. मैदानी इलाकों में जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं खाती गांव का मौसम अभी भी ठंडा और सुहावना बना हुआ है. समुद्र तल से करीब 2,210 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस गांव में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होती है. चारों तरफ फैली हरियाली और पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं पर्यटकों को खास सुकून देती हैं. यही कारण है कि अब बड़ी संख्या में लोग गर्मियों की छुट्टियां बिताने यहां पहुंच रहे हैं. 

 स्थानीय जानकार कैलाश दानू ने लोकल 18 को बताया कि खाती गांव पिंडर घाटी के बेहद खूबसूरत क्षेत्रों में शामिल माना जाता है. गांव के चारों ओर ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने देवदार और बुरांश के जंगल इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं. गांव के पास बहने वाली पिंडर नदी का शांत बहाव यहां आने वाले लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराता है. सुबह के समय पहाड़ों पर पड़ती सूरज की किरणें बेहद मनमोहक दृश्य पेश करती हैं. यहां का प्राकृतिक वातावरण इतना आकर्षक है कि पर्यटक घंटों तक प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं. फोटोग्राफी करने वालों के लिए भी यह गांव किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता है.

स्थानीय जानकार कैलाश दानू ने लोकल 18 को बताया कि खाती गांव पिंडर घाटी के बेहद खूबसूरत क्षेत्रों में शामिल माना जाता है. गांव के चारों ओर ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घने देवदार और बुरांश के जंगल इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं. गांव के पास बहने वाली पिंडर नदी का शांत बहाव यहां आने वाले लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराता है. सुबह के समय पहाड़ों पर पड़ती सूरज की किरणें बेहद मनमोहक दृश्य पेश करती हैं. यहां का प्राकृतिक वातावरण इतना आकर्षक है कि पर्यटक घंटों तक प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं. फोटोग्राफी करने वालों के लिए भी यह गांव किसी स्वर्ग से कम नहीं है.

खाती गांव ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. यह गांव कफनी और पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का प्रमुख पड़ाव है. हर साल बड़ी संख्या में ट्रेकर्स यहां पहुंचते हैं और हिमालय की खूबसूरती को करीब से महसूस करते हैं. गांव से आगे जाने वाले ट्रेकिंग रास्ते जंगलों, नदियों और पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरते हैं, जो रोमांच पसंद लोगों को बेहद आकर्षित करते हैं. ट्रेक के दौरान पर्यटकों को कई दुर्लभ पक्षी और जंगली फूल भी देखने को मिलते हैं. शांत वातावरण और प्राकृतिक रास्तों की वजह से यह स्थान एडवेंचर पसंद युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है.

खाती गांव ट्रेकिंग प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. यह गांव कफनी और पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का प्रमुख पड़ाव है. हर साल बड़ी संख्या में ट्रेकर्स यहां पहुंचते हैं और हिमालय की खूबसूरती को करीब से महसूस करते हैं. गांव से आगे जाने वाले ट्रेकिंग रास्ते जंगलों, नदियों और पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरते हैं, जो रोमांच पसंद लोगों को बेहद आकर्षित करते हैं. ट्रेक के दौरान पर्यटकों को कई दुर्लभ पक्षी और जंगली फूल भी देखने को मिलते हैं. शांत वातावरण और प्राकृतिक रास्तों की वजह से यह स्थान एडवेंचर पसंद युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है.

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खाती गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां की शांत और सरल जीवनशैली मानी जाती है. शहरों की भागदौड़ और शोरगुल से दूर यह गांव लोगों को मानसिक सुकून देता है. यहां के स्थानीय लोग आज भी पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति और रीति-रिवाजों को अपनाए हुए हैं. गांव में लकड़ी और पत्थरों से बने पारंपरिक घर पर्यटकों को खास आकर्षित करते हैं. यहां आने वाले लोग गांव के लोगों के साथ समय बिताकर पहाड़ी जीवन को करीब से समझते हैं. प्राकृतिक वातावरण के बीच सादगी भरा जीवन लोगों को नई ऊर्जा देने का काम करता है. यही वजह है कि कई पर्यटक यहां बार-बार आना पसंद करते हैं.

खाती गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां की शांत और सरल जीवनशैली है. शहरों की भागदौड़ और शोरगुल से दूर यह गांव लोगों को मानसिक सुकून देता है. यहां के स्थानीय लोग आज भी पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति और रीति-रिवाजों को अपनाए हुए हैं. गांव में लकड़ी और पत्थरों से बने पारंपरिक घर पर्यटकों को खास आकर्षित करते हैं. यहां आने वाले लोग गांव के लोगों के साथ समय बिताकर पहाड़ी जीवन को करीब से समझते हैं. प्राकृतिक वातावरण के बीच सादगी भरा जीवन लोगों को नई ऊर्जा देने का काम करता है. यही वजह है कि कई पर्यटक यहां बार-बार आना पसंद करते हैं.

खाती गांव में स्थानीय लोगों द्वारा संचालित होमस्टे पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं. यहां ठहरने वाले लोगों को कुमाऊंनी संस्कृति और पारंपरिक खानपान का अनुभव मिलता है. होमस्टे में पर्यटकों को मंडुवे की रोटी, भट्ट की दाल, झोली और स्थानीय सब्जियों का स्वाद चखने का मौका मिलता है. गांव के लोग अपने मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हैं, जिससे पर्यटक खुद को घर जैसा महसूस करते हैं. आधुनिक सुविधाओं के साथ गांव की सादगी यहां की यात्रा को और खास बना देती है. 

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर खाती गांव फोटोग्राफी करने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास जगह मानी जाती है. यहां के घने जंगल, हिमालयी पहाड़ और पारंपरिक गांव का दृश्य कैमरे में कैद करने लायक होता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का वातावरण और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है. कई पर्यटक यहां खास तौर पर नेचर फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं. गांव के आसपास मौजूद प्राकृतिक रास्ते और पहाड़ी नजारे सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किए जाते हैं. पक्षियों की आवाज और ठंडी हवाओं के बीच समय बिताना लोगों को अलग ही सुकून देता है.

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर खाती गांव फोटोग्राफी करने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास जगह है. यहां के घने जंगल, हिमालयी पहाड़ और पारंपरिक गांव का दृश्य कैमरे में कैद करने लायक होता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का वातावरण और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है. कई पर्यटक यहां खास तौर पर नेचर फोटोग्राफी के लिए पहुंचते हैं. गांव के आसपास मौजूद प्राकृतिक रास्ते और पहाड़ी नजारे सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किए जाते हैं. पक्षियों की आवाज और ठंडी हवाओं के बीच समय बिताना लोगों को अलग ही सुकून देता है.

Tourists can easily reach by road.

खाती गांव तक पहुंचना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. बागेश्वर से कपकोट और शामा होते हुए सड़क मार्ग से इस गांव तक पहुंचा जा सकता है. बागेश्वर बाजार से इसकी दूरी करीब 70 से 80 किलोमीटर मानी जाती है. रास्ते में पड़ने वाले पहाड़ी दृश्य यात्रा को और भी रोमांचक बना देते हैं. सड़क यात्रा के दौरान पर्यटकों को कई खूबसूरत घाटियां और प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलते हैं. गर्मियों के मौसम में यहां का सफर काफी आरामदायक माना जाता है. यही वजह है कि अब परिवारों के साथ घूमने आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.

Expectations of increasing local employment through tourism

खाती गांव में बढ़ते पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने लगे हैं. गांव में होमस्टे, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से लोगों की आय में बढ़ोतरी हो रही है. कई युवा अब पर्यटन से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में काम कर रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या से गांव की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती दिखाई दे रही है. स्थानीय लोग चाहते हैं कि सरकार यहां पर्यटन सुविधाओं को और बेहतर बनाए ताकि अधिक संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकें. प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण आने वाले समय में खाती गांव उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है.

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