बातचीत के दौरान, अब्बास अरागची ने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई हालिया ईरान-अमेरिका वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में अमेरिका की गतिविधियों पर चिंता भी जताई व इसके व्यापक प्रभावों को लेकर चेतावनी दी।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अराघची ने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी गतिविधियों के क्षेत्रीय व वैश्विक शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को ने कूटनीतिक प्रयास जारी रखने और ऐसे समाधान खोजने की प्रतिबद्धता का स्वागत किया, जो संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करें और क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करें। साथ ही, ईरान और उसके पड़ोसियों के वैध हितों को ध्यान में रखें।
लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने ईरान के पूर्व विदेश मंत्रालय प्रमुख और विदेश नीति की रणनीतिक परिषद के प्रमुख के. खर्राज़ी की हवाई हमले में हुई हत्या पर “गहरी संवेदना” व्यक्त कीं।
इस बीच, लावरोव द्विपक्षीय सहयोग और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्षों पर चर्चा के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंच गए हैं। इससे पहले, रूसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि 14-15 अप्रैल के दौरान वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ वार्ता करेंगे।





