बिहार में भी है खूबसूरत हिल स्टेशन, कहलाता है ‘Bihar का कश्मीर’, जानें क्या देखें, कब जाएं


बिहार एक ऐसा राज्य है, जहां कई देखने लायक पर्यटक स्थल हैं. आमतौर पर लोगों को लगता है कि यहां घूमने के लिए सिर्फ धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल ही हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. यहां आपको कई प्राकृतिक और एडवेंचरस स्थल भी मिल जाएंगे, जहां की खूबसूरती, वाइल्डलाइफ, टाइगर रिजर्व, वॉटरफॉल, वन्यजीव अभ्यारण्य आपको बेहद पसंद आएंगे. आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि बिहार में भी हिल स्टेशन है. आप शिमला, मनाली, कश्मीर, देहरादून, नैनीताल तो कई बार घूम चुके होंगे, एक बार बिहार के इस हिल स्टेशन का नजारा भी देख आएं. ये हिल स्टेशन पश्चिमी चंपारण के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है. इस जगह का नाम है वाल्मीकि नगर. अगर आपको नई-नई जगहों को एक्सप्लोर करने में मजा आता है तो आप एक बार बिहार के इस हिल स्टेशन पर जाकर देखिए. आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि इसे ‘बिहार का कश्मीर’ भी कहा जाता है. चलिए जानते हैं यहां जाएं तो आप क्या-क्या देख सकते हैं, यहां जाने का बेस्ट समय क्या है, पटना से ये कितनी दूरी पर स्थित है आदि के बारे में.

बिहार का कश्मीर वाल्मीकि नगर
बिहार के चंपारण में स्थित वाल्मीकि नगर आपको जरूर भाएगा, क्योंकि यहां पहाड़ भी हैं, टाइगर रिजर्व भी और शांत, खूबसूरत वातावरण भी है. अगर आप बिहार जाते हैं तो यहां भी होकर आइए. यह गंडक नदी के तट और वाल्मीकि डाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच स्थिति ये जगह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. अपनी नेचुरल खूबसूरती, वाइल्डलाइफ, धार्मिक महत्व के लिए मशहूर वाल्मीकि नगर को बिहार का कश्मीर भी कहा जाता है.

यहां देखने लायक जगहें
मुख्य रूप से वाल्मीकि नगर यहां स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है. खास इसलिए भी है, क्योंकि ये बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है. यह लगभग 900 वर्ग किमी में फैला है. यहां आप बाघ, भालू, तेंदुए के साथ ही विभिन्न प्रकार के पक्षी भी देख सकते हैं. यहां आप महर्षि वाल्मीकि का वाल्मीकि आश्रम देख सकते हैं. कहा जाता है कि यहां मां सीता ने वनवास के दौरान आश्रय लिया था और यहीं लव-कुश को जन्म भी दिया था.
आप यहां आएं तो गंडक नदी और इस नदी पर बने भारत और नेपाल को जोड़ने वाले भव्य पुल को देखना ना भूलें. यहां बोटिंग का भी मजा पर्यटक ले सकते हैं. साथ ही यहां धार्मिक स्थल जैसे जटाशंकर मंदिर, नरदेवी मंदिर, कोलेश्वर मंदिर देख सकते हैं. साथ ही जंगल सफारी, बर्ड वॉचिंग और ट्रेकिंग आदि का मजा ले सकते हैं.

कहां रुकें
यहां आपको होटल्स के अलावा, ईको-टूरिज्म हट्स, ट्री हाउस, टेंट हाउस, बैंबू हट्स में ठहरने की सुविधाएं मिल जाएंगी.

कैसे पहुंचें वाल्मीकि नगर
आप यहां कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक फ्लाइट से पहुंच सकते हैं. आप पटना एयरपोर्ट पहुंचकर भी वाल्मीकि नगर 300 किमी दूरी तय करके पहुंच सकते हैं. गोरखपुर एयरपोर्ट से भी आप यहां सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं. निकटतम रेलवे स्टेशन वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन, नरकटियागंज और बगहा है. पटना से वाल्मीकि नगर लगभग 291 किमी दूर है, जहां आप सड़क मार्ग से 6-7 घंटे में पहुंच सकते हैं.

वील्मीकि नगर जाने का बेस्ट समय
मार्च से लेकर जून में यहां जाने से बचें क्योंकि तापमान काफी अधिक होता है. दोपहर के समय यहां घूमने में काफी गर्मी महसूस हो सकती है. नवंबर से फरवरी का मौसम यहां जाने के लिए बेस्ट है. खासकर, बर्ड वॉचिंग और जंगल सफारी के लिए ये समय सुहावना होता है. मानसून में जुलाई से अक्तूबर भी यहां जाने से बचें, क्योंकि भारी बारिश के कारण सफारी और ट्रेकिंग बंद होने के कारण आप कुछ भी इंजॉय नहीं कर सकेंगे.



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