Agency:एजेंसियां
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IAF Chief US Visit: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह की अमेरिका यात्रा रक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले गई है. वाशिंगटन और कोलोराडो में हुई हाई-लेवल बैठकों में इंडो-पैसिफिक रीजन की सुरक्षा और एफ-15ईएक्स जैसे आधुनिक विमानों पर चर्चा हुई. यह दौरा चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने और भारतीय वायुसेना के मॉडर्नाइजेशन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
आसमान में बढ़ेगी भारत की ताकत, पेंटागन में वायुसेना प्रमुख की बड़ी बैठक! (Photo : IAF)
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह इन दिनों अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं. उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत और अमेरिका के बीच तेजी से बढ़ते रक्षा संबंधों को और ज्यादा मजबूत करना है. वाशिंगटन पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उन्हें ‘फुल ऑनर्स’ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने पेंटागन में अमेरिकी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केन विल्सबैक के साथ लंबी चर्चा की. इस मीटिंग में दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में एक-दूसरे की जरूरतों को समझते हुए भविष्य की रूपरेखा तैयार की है.
वायुसेना के आधुनिकीकरण के लिए क्या है नया प्लान?
पेंटागन में हुई बातचीत का केंद्र बिंदु वायुसेना का मॉडर्नाइजेशन और भविष्य की ट्रेनिंग रहा. जनरल विल्सबैक ने भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन ड्रोन खरीदने के फैसले की तारीफ की. अमेरिका ने भरोसा दिलाया है कि वह इन ड्रोन के इस्तेमाल में भारत की पूरी मदद करेगा. इसके अलावा, दोनों देशों के बीच जॉइंट इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसका मतलब है कि युद्ध या संकट के समय दोनों देशों की वायुसेनाएं एक साथ मिलकर और भी बेहतर तरीके से काम कर सकेंगी.
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