‘अंदर से बदलाव लाकर ही खत्म होगा नशा’, भारत में मेंटल हेल्थ और नशा मुक्ति पर सबसे बड़ी पहल


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आध्यात्मिक गुरुओं की मीटिंग में एक बात पर बहुत ज्यादा फोकस रहा. नशे को सिर्फ बाहरी बैन या कंट्रोल से नहीं रोका जा सकता है. यह मॉडल मेडिटेशन और इंटरनल एनर्जी को जगाने पर फोकस करता है. यह टेक्निक इंसान के अंदर से एक बहुत बड़ा पॉजिटिव बदलाव लाती है. इससे व्यक्ति न सिर्फ नशे से दूर होता है. बल्कि उसका मेंटल बैलेंस और सेल्फ कांफिडेंस भी काफी बढ़ता है.

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नशा मुक्ति और मानसिक जागरूकता पर श्री करौली शंकर महादेव जी और श्री श्री रविशंकर में बातचीत हुई.

भारत में तेजी से बढ़ती नशे की समस्या और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है. हाल ही में पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी और विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के बीच एक सार्थक और दूरदर्शी मुलाकात हुई, जिसमें समाज के सबसे गंभीर मुद्दों नशा मुक्ति, ध्यान-साधना और मानसिक संतुलन पर गहन विचार-विमर्श किया गया.

इस विशेष बैठक में पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई. दोनों आध्यात्मिक गुरुओं ने इस बात पर सहमति जताई कि केवल कानूनी या बाहरी प्रयास इस चुनौती का स्थायी समाधान नहीं दे सकते, बल्कि इसके लिए आंतरिक परिवर्तन और मानसिक जागरूकता की आवश्यकता है.

चर्चा के दौरान श्री श्री रविशंकर ने सुझाव दिया कि पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी द्वारा अपनाई गई साधना और ध्यान-आधारित नशा मुक्ति पद्धति को पंजाब में भी विस्तारित किया जा सकता है. उनका मानना है कि यदि इस मॉडल को सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

करौली धाम: नशा मुक्ति और साधना का उभरता केंद्र
पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव धाम पिछले कुछ समय में नशा मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के क्षेत्र में एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में उभरा है. धाम से जुड़े अनुयायियों का दावा है कि यहां हजारों लोगों ने ध्यान-साधना और आंतरिक ऊर्जा जागरण के माध्यम से नशे की लत से मुक्ति पाई है. धाम से जुड़े लोगों के अनुसार, 50,000 से अधिक लोगों के अनुभव और वीडियो विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, जिनमें उन्होंने स्वयं को नशा मुक्त होने की बात साझा की है. इन अनुभवों ने धाम की विश्वसनीयता को मजबूत किया है और बड़ी संख्या में लोग यहां मार्गदर्शन और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं.

साधना आधारित मॉडल: अंदर से बदलाव की दिशा
मुलाकात में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नशा मुक्ति के लिए केवल बाहरी नियंत्रण या प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं. पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी द्वारा अपनाया गया साधना, ध्यान और आंतरिक ऊर्जा जागरण का मॉडल व्यक्ति के भीतर से परिवर्तन लाने पर केंद्रित है. यह पद्धति न केवल व्यक्ति को नशे से दूर करने में सहायक है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करती है.

पंजाब में संभावित पहल: एक नई उम्मीद
बैठक के दौरान यह विचार प्रमुखता से सामने आया कि यदि इस साधना-आधारित मॉडल को पंजाब में लागू किया जाए, तो नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाई जा सकती है. यह पहल न केवल युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने में मदद करेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता का संचार भी करेगी. यह मुलाकात केवल एक संवाद नहीं, बल्कि भविष्य में एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की संभावनाओं के बीच, यह पहल देश में नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा तय कर सकती है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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