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Best Treks in Uttarakhand: एडवेंचर के शौकीनों के लिए उत्तराखंड जन्नत माना जाता है. यहां कई ऐसे बर्फीले और ऊंचे दर्रे हैं जहां जाना जान जोखिम में डालने जैसा है, तो वहीं कुछ ट्रेक इतने आसान हैं जहां पहली बार जाने वाले लोग भी प्रकृति का असली आनंद ले सकते हैं. ट्रेकिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, जहां कामेट एक्सपीडिशन सिर्फ अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए है, वहीं एककेदारकांठा और चोपता-तुंगनाथ जैसे ट्रेक बिगिनर्स के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं. जानिए उत्तराखंड के सबसे आसान और सबसे मुश्किल रूट्स के बारे में.
Best Treks in Uttarakhand: उत्तराखंड के बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल, ग्लेशियर और खूबसूरत मखमली घास के मैदान हर साल देश-विदेश के हजारों ट्रेकर्स को अपनी तरफ खींचते हैं. लेकिन पहाड़ों की यह खूबसूरती जितनी लुभावनी है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है. ऋषिकेश के ट्रेकिंग एक्सपर्ट योगेश बताते हैं कि उत्तराखंड में हर तरह के रास्तों का जाल है यहां कुछ रूट्स ऐसे हैं जो पहली बार पहाड़ों पर जा रहे लोगों के लिए एकदम मुफीद हैं, तो वहीं कुछ ट्रेक इतने जानलेवा हैं जहां सिर्फ ट्रेंड पर्वतारोही ही कदम रख सकते हैं.
इसके अलावा गंगोत्री और बद्रीनाथ घाटी को जोड़ने वाला कालिंदी खाल ट्रेक भी बेहद खतरनाक माना जाता है. यहां ऊंचे दर्रे और अचानक बदलने वाला मौसम सबसे बड़ी आफत बनते हैं, जहां एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है.
केदारकांठा और चोपता, पहली बार जाने वालों के लिए परफेक्ट
जो लोग पहली बार ट्रेकिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए भी उत्तराखंड में कई शानदार और आसान रास्ते हैं. उत्तरकाशी जिले की मोरी रेंज में स्थित केदारकांठा ट्रेक बिगिनर्स के बीच सबसे ज्यादा पॉपुलर है. सर्दियों में बर्फ की चादर ओढ़े यहां के जंगल किसी पोस्टकार्ड जैसे खूबसूरत दिखते हैं और यह ट्रेक 4 से 5 दिनों में आसानी से पूरा हो जाता है.
इसके अलावा मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर चोपता से शुरू होने वाला तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक और देवरिया ताल ट्रेक भी शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन हैं. देवरिया ताल के शांत पानी में पहाड़ों का रिफ्लेक्शन देखना सैलानियों को एक जादुई दुनिया का अहसास कराता है.
थोड़े एडवेंचर के लिए ये हैं बेहतरीन विकल्प
अगर आप आसान ट्रेक से थोड़ा ज्यादा रोमांच चाहते हैं, तो कुआरी पास और पंगारचूला ट्रेक भी अच्छे विकल्प हैं. पंगारचूला में कुछ जगहों पर चढ़ाई थोड़ी सी खड़ी है, लेकिन एक अच्छे गाइड की मदद से नए लोग भी इसे पार कर सकते हैं. वहीं, मसूरी के पास स्थित नाग टिब्बा ट्रेक एक छोटा और बहुत आसान रूट है, जिसे लोग वीकेंड (शनिवार-रविवार) की छुट्टी में ही पूरा कर लेते हैं. यहां से हिमालय की चोटियों का बेहद मनमोहक नजारा दिखता है.
ऋषिकेश से कैसे पहुंचे इन रूट्स तक?
योगेश बताते हैं कि ऋषिकेश से इन सभी खूबसूरत जगहों तक पहुंचना अब बेहद आसान हो गया है:
- केदारकांठा: ऋषिकेश से सीधे गाड़ी पकड़कर इस ट्रेक के बेस कैंप ‘सांकरी गांव’ तक पहुंचा जा सकता है.
- चोपता और देवरिया ताल: इसके लिए ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग होते हुए उखीमठ और फिर चोपता का रास्ता तय जाता है.
- कुआरी पास और पंगारचूला: इन दोनों ट्रेक्स के लिए पर्यटकों को पहले जोशीमठ पहुंचना होता है. तब ये ट्रैक शुरू होता है.
- वैली ऑफ फ्लावर्स (फूलों की घाटी): इसके लिए ऋषिकेश से जोशीमठ और फिर गोविंदघाट होते हुए ट्रेक की शुरुआत की जाती है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें





