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Mosquito Repellent Creams: मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल कॉमन है और तमाम लोग इसे यूज करते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो छोटे बच्चों, सेंसिटिव स्किन वाले लोगों और एक्जिमा या सोरायसिस के मरीजों को यह क्रीम अवॉइड करनी चाहिए. इन क्रीम्स में कई केमिकल्स होते हैं, जो स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को मॉस्किटो भगाने वाली क्रीम नहीं लगानी चाहिए.
Mosquito Repellent Cream Risks: गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और मच्छरों का आतंक भी बढ़ गया है. मच्छर न सिर्फ रातों की नींद हराम करते हैं, बल्कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां भी फैलाते हैं. रात में मच्छरों से बचने के लिए कई लोग मच्छर भगाने वाली क्रीम इस्तेमाल करते हैं. यह क्रीम सस्ती होती है और इसे लगाने के बाद कुछ घंटों तक मच्छर परेशान नहीं करते हैं. अधिकतर लोग मच्छरों से बचने के लिए इन क्रीम्स को स्किन पर लगा लेते हैं. स्किन स्पेशलिस्ट की मानें तो मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम्स हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं हैं. इनमें डाइइथाइलटोलूअमाइड (Diethyltoluamide) जैसे केमिकल्स होते हैं, जो मच्छरों को दूर रखते हैं, लेकिन स्किन पर गंभीर साइड इफेक्ट पैदा कर सकते हैं.
यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि मच्छर भगाने वाली क्रीम स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बना देती हैं, जिसकी वजह से मच्छर दूर भाग जाते हैं. ये क्रीम ज्यादातर लोगों के लिए नुकसानदायक नहीं होती हैं, लेकिन 2 साल से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं. ऐसे लोगों को मॉस्किटो भगाने वाली क्रीम्स नहीं लगानी चाहिए. दरअसल बच्चों की स्किन बहुत पतली और नाजुक होती है, जिससे क्रीम में मौजूद केमिकल्स सीधे ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश कर सकते हैं. बच्चों में इन केमिकल्स के कारण स्किन पर चकत्ते, सांस लेने में तकलीफ या एलर्जी हो सकती है. ऐसे में मच्छरदानी का उपयोग करना सबसे सुरक्षित विकल्प है.
डॉक्टर ने बताया कि स्किन डिजीज के मरीजों को मच्छर भगाने वाली क्रीम नहीं लगानी चाहिए. जिन लोगों को पहले से ही स्किन की बीमारियां जैसे एक्जिमा, सोरायसिस या डर्मेटाइटिस है, उन्हें मच्छर भगाने वाली क्रीम बिल्कुल नहीं लगानी चाहिए. इन कंडीशंस में त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर होती है. ऐसे में क्रीम में मौजूद केमिकल्स या अन्य सिंथेटिक परफ्यूम त्वचा में जलन, खुजली और घाव पैदा कर सकते हैं. मच्छर भगाने वाली क्रीम्स में अक्सर तेज गंध और ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो हवा में घुलकर श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं. जिन लोगों को अस्थमा या किसी भी तरह की सांस की एलर्जी है, उन्हें इन क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे छींक आना, गले में खराश या सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है.
एक्सपर्ट की मानें तो जिन लोगों की स्किन किसी भी नए प्रोडक्ट के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया देती है, उन्हें भी बिना पैच टेस्ट किए इन क्रीम का उपयोग नहीं करना चाहिए. अक्सर लोग अनजाने में कटी हुई त्वचा, खरोंच या धूप से झुलसी हुई त्वचा पर भी रिपेलेंट क्रीम लगा लेते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है और चक्कर आना, सिरदर्द या नसों में झुनझुनी जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं. स्किन स्पेशलिस्ट सलाह देते हैं कि क्रीम लगाते समय आंखों, होंठों और घाव वाले हिस्सों को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए और क्रीम लगाने के तुरंत बाद हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





