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Gen-Z Travel Trends: एक हालिया रिपोर्ट में पता चला है कि भारत में 10 में से 7 Gen-Z युवा साल में एक लंबी छुट्टी के बजाय तीन छोटी ट्रिप पर जा रहे हैं. इनमें से 95% युवा चाहते हैं कि उनकी यात्रा उनकी पसंद के मुताबिक और यूनिक हो. ग्रुप टूर में आधे से ज्यादा युवा होटल के अलग-अलग कमरों के बजाय एक ही घर में ठहरना पसंद कर रहे हैं.
जेन Z के युवा छोटी छोटी ट्रिप्स का खूब आनंद ले रहे हैं.
Airbnb Report on Travel Trends: एक जमाना था, जब लोग सालभर में एक बार लंबी छुट्टी लेकर घूमने जाते हैं. मगर अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. भारत की Gen-Z पीढ़ी घूमने-फिरने के पुराने तौर-तरीकों को बदल रही है. साल में एक बार लंबी छुट्टी मनाने के बजाय अब युवा अपनी पसंद, मूड और अचानक बने प्लान के हिसाब से छोटी-छोटी यात्राएं करना पसंद कर रहे हैं. Airbnb की नई रिपोर्ट के मुताबिक Gen-Z के लिए यात्रा अब सिर्फ घूमने का जरिया नहीं, बल्कि खुद को जाहिर करने और अपनी पहचान दिखाने का माध्यम भी बन गई है. रिपोर्ट के मुताबिक अब 10 में से 7 Gen-Z साल में एक लंबी छुट्टी के बजाय 3 शॉर्ट ट्रिप करना पसंद कर रहे हैं. करीब 87% युवा एक सप्ताह से कम की यात्राओं को प्रायोरिटी देते हैं.
Airbnb के आंकड़े बताते हैं कि गर्मियों में ट्रैवलिंग के लिए Gen-Z द्वारा की गई सर्च में साल-दर-साल 30% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई. 2 से 6 नाइट की छोटी यात्राएं सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं. घरेलू यात्राओं की बुकिंग में करीब 80% की बढ़ोतरी देखी गई है. ट्रैवलिंग अब कोई ऐसा कार्यक्रम नहीं रह गया है, जिसकी योजना महीनों पहले बनाई जाए. अब यह तनाव से राहत पाने, अचानक मिले खाली वीकेंड का फायदा उठाने या दोस्तों के साथ अचानक बने प्लान का हिस्सा बन गई है. रिपोर्ट के अनुसार 66% Gen-Z यात्रा से कुछ दिन या कुछ सप्ताह पहले ही बुकिंग करते हैं.
यात्रा बन गई है पहचान जाहिर करने का जरिया
भारत की Gen-Z पीढ़ी के लिए यात्रा अब अपनी पहचान और व्यक्तित्व दिखाने का एक महत्वपूर्ण तरीका बन गई है. रिपोर्ट के मुताबिक 87% युवाओं का मानना है कि उनका यात्रा करने का तरीका उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है, जबकि 92% के लिए यह जरूरी है कि उनका डेस्टिनेशन या रहने की जगह उनकी व्यक्तिगत पसंद के मुताबिक हो. इसके अलावा 95% Gen-Z चाहते हैं कि उनकी यात्रा अलग और उनकी पसंद के अनुसार महसूस हो. अधिकतर युवा ऐसे स्थानों को तलाश रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर ज्यादा वायरल न किया गया हो. युवाओं का कहना है कि यात्रा के दौरान बिताए गए छोटे-छोटे पल उनके लिए मशहूर पर्यटन स्थलों से ज्यादा मायने रखते हैं. यही वजह है कि वे लोकल बाजारों, पड़ोस की दुकानों और लोकल लाइफस्टाइल को करीब से जानने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं.
रहने की जगह भी बन रही है खास वजह
Gen-Z की यात्रा में सबसे बड़ा बदलाव रहने की जगह को लेकर देखने को मिला है. 63% यात्रियों ने किसी जगह को इसलिए चुना, क्योंकि उन्हें वहां की रहने की व्यवस्था पसंद आई. 82% युवाओं का कहना है कि यात्रा की योजना बनाते समय रहने की जगह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जबकि 78% अपने कुल यात्रा समय का कम-से-कम आधा हिस्सा वहीं बिताते हैं. युवाओं का मानना है कि रहने का अनुभव पूरी यात्रा को प्रभावित करता है और कई बार यात्रा का सबसे यादगार हिस्सा बन जाता है. Gen-Z सिर्फ होटल की सुविधाएं नहीं, बल्कि घर जैसा अनुभव तलाशती है. ऐसी जगह जहां सुकून मिले, निजी समय बिताने की सुविधा हो और दोस्तों या परिवार के साथ बैठकर समय बिताया जा सके.
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आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…और पढ़ें




