माणा गांव, सर्दियों में क्यों खाली हो जाता है भारत का आखिरी गांव


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उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पास भारत-तिब्बत सीमा पर बसा Mana देश का आखिरी गांव माना जाता है. बर्फ से ढके पहाड़ों और बेहद ठंडे मौसम के बीच बसे इस गांव में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है, जिसके कारण ज्यादातर लोग निचले इलाकों में चले जाते हैं और गांव लगभग खाली हो जाता है. वहीं गर्मियों में यहां पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों की जिंदगी फिर से रौनक से भर जाती है.

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माणा की खूबसूरती

उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम के पास स्थित माणा को लंबे समय से “भारत का आखिरी गांव” कहा जाता है. समुद्र तल से लगभग 10,500 फीट की ऊंचाई पर बसा यह गांव भारत-तिब्बत सीमा के बेहद करीब स्थित है और अपनी खूबसूरती, कठिन जीवनशैली और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यहां की जिंदगी शहरों से बिल्कुल अलग है. बर्फ से ढके पहाड़, ठंडी हवाएं और सीमित सुविधाओं के बीच रहने वाले लोग बेहद सादगी से जीवन बिताते हैं. हालांकि सर्दियां आते ही यह गांव लगभग खाली हो जाता है और इसकी वजह जानकर कई लोग हैरान रह जाते हैं.

माना गांव में सर्दियों के दौरान तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है. नवंबर से फरवरी के बीच यहां भारी बर्फबारी होती है, जिससे सड़कें बंद होने लगती हैं और गांव का संपर्क बाकी इलाकों से लगभग कट जाता है. कई बार इतनी ज्यादा बर्फ जम जाती है कि घरों के बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है.

इसी वजह से यहां रहने वाले ज्यादातर परिवार सर्दियां शुरू होने से पहले ही निचले इलाकों जैसे Joshimath या दूसरे शहरों की ओर चले जाते हैं. लोग अपने घरों को बंद करके महीनों के लिए पलायन कर जाते हैं और मौसम सामान्य होने के बाद वापस लौटते हैं. यही कारण है कि सर्दियों में यह गांव लगभग खाली नजर आता है.

कैसी होती है यहां के लोगों की जिंदगी?
माना गांव के लोग बेहद मेहनती और सरल जीवन जीते हैं. यहां के अधिकतर परिवार ऊनी कपड़े, हस्तशिल्प, खेती और छोटे व्यापार से जुड़े हुए हैं. गर्मियों में जब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं, तब यहां पर्यटन बढ़ जाता है और स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा हिस्सा इसी सीजन से आता है. गांव में आज भी पारंपरिक पत्थर और लकड़ी के घर देखने को मिलते हैं. यहां की महिलाएं ऊन से गर्म कपड़े बनाती हैं, जबकि कई लोग पर्यटकों के लिए छोटी दुकानों और चाय स्टॉल का संचालन करते हैं. कठिन मौसम के बावजूद यहां के लोग प्रकृति के बेहद करीब जिंदगी जीते हैं.

माना गांव में घूमने लायक जगहें
माना गांव सिर्फ अपनी लोकेशन के लिए नहीं, बल्कि कई खास जगहों के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां स्थित “भीम पुल” सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से एक है. मान्यता है कि महाभारत काल में भीम ने इस पत्थर के पुल को बनाया था. इसके अलावा यहां “व्यास गुफा” और “गणेश गुफा” भी मौजूद हैं, जिनका धार्मिक महत्व काफी ज्यादा माना जाता है. गांव के पास बहने वाली सरस्वती नदी का दृश्य भी बेहद खूबसूरत लगता है. यही वजह है कि हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

आसान नहीं है यहां का जीवन
माना गांव की जिंदगी जितनी खूबसूरत दिखती है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है. यहां मौसम तेजी से बदलता है और स्वास्थ्य सुविधाएं भी सीमित हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण कई लोगों को दिक्कतें भी होती हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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