बीजिंग में ट्रंप का भव्य स्वागत, जिनपिंग बोले- अमेरिका और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनें


बीजिंग में शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप का भव्य स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तकनीक, ईरान और वैश्विक तनाव जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई।

फोटो: IANS

i

user

google_preferred_badge

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे ने वैश्विक राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गुरुवार को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान भव्य सैन्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें चीनी सैनिकों ने कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री शो पेश किया और सैन्य बैंड ने अमेरिकी राष्ट्रगान ‘द स्टार स्पैंगल्ड बैनर’ बजाया।

स्वागत समारोह में दोनों नेता रेड कार्पेट पर साथ चलते दिखाई दिए, जबकि चीनी सैनिक कतारबद्ध खड़े रहे। समारोह के दौरान स्कूली बच्चों का एक समूह चीनी और अमेरिकी झंडे लहराते हुए नजर आया। ट्रंप और जिनपिंग ने पहले गर्मजोशी से हाथ मिलाया और फिर दोनों देशों के अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेताओं ने चीनी सैन्य टुकड़ियों का निरीक्षण किया। चीन अपने बेहद व्यवस्थित और कोरियोग्राफ किए गए सैन्य प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।

जिनपिंग ने रिश्तों पर दिया बड़ा संदेश

द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया इस मुलाकात पर नजर बनाए हुए है और मौजूदा समय वैश्विक बदलावों का दौर है। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को टकराव की जगह सहयोग का रास्ता चुनना चाहिए। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को ‘प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार’ बनना चाहिए, क्योंकि सहयोग से दोनों को फायदा होगा और टकराव दोनों के लिए नुकसानदेह साबित होगा।

उन्होंने ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या दोनों देश प्रतिस्पर्धा और तनाव से ऊपर उठकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं। जिनपिंग ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने और दुनिया को स्थिरता देने के लिए दोनों देशों का साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने ट्रंप का नौ साल बाद चीन लौटने पर स्वागत किया और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के लिए अमेरिकी जनता को बधाई भी दी।

व्यापार, तकनीक और ईरान जैसे मुद्दों पर चर्चा

ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। चर्चा के केंद्र में व्यापार, तकनीक, क्षेत्रीय सुरक्षा, होर्मुज और ईरान जैसे मुद्दे रहे। ट्रंप और जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित APEC शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वागत समारोह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा सम्मान पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने विशेष तौर पर समारोह में मौजूद बच्चों की सराहना की और कहा कि वे दोनों देशों के भविष्य का प्रतीक हैं। ट्रंप ने जिनपिंग को “महान नेता” बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने हमेशा बातचीत के जरिए मुश्किल हालात को संभाला है।

दुनिया की नजर इस बैठक पर

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के शीर्ष कारोबारी भी उनके साथ चीन आए हैं और वे व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने इस बैठक को “संभवतः सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन” बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने जा रहे हैं।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब व्यापार, तकनीक, क्षेत्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।




Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img