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देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में WHO और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की खास देखभाल करने और गर्मी से बचाव के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है.
बच्चे को लू लगे तो तुरंत क्या करें?
देश के कई राज्यों में इस समय तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा खतरा बढ़ जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों का शरीर गर्मी को जल्दी महसूस करता है, इसलिए उनमें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का जोखिम ज्यादा रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने माता-पिता को बच्चों की देखभाल को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.
WHO के मुताबिक, बच्चों का शरीर बड़े लोगों की तुलना में तापमान को नियंत्रित करने में कमजोर होता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने पर उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो बच्चा हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का शिकार हो सकता है. खासकर जो बच्चे बाहर खेलते हैं या पर्याप्त पानी नहीं पीते, उनमें यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है.
लू लगने पर दिख सकते हैं ये संकेत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बच्चे को लू लगती है तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है. बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच सकता है. इसके अलावा तेज सिरदर्द, बहुत ज्यादा पसीना आना, मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन, तेज दिल की धड़कन और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. कई बच्चों में कमजोरी, चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना और चिड़चिड़ापन भी देखा जा सकता है. गंभीर स्थिति में बच्चा बेहोश भी हो सकता है.
बच्चे को लू लगे तो तुरंत क्या करें?
WHO के अनुसार, अगर बच्चे में गर्मी से जुड़ी परेशानी के लक्षण दिखें तो सबसे पहले उसे धूप से हटाकर ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं. अगर बच्चा होश में है तो उसे धीरे-धीरे पानी, ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके. बच्चे को आराम से लिटाकर उसके पैरों को थोड़ा ऊपर रखें. इसके बाद ठंडे पानी से शरीर को स्पंज करना भी फायदेमंद माना जाता है. अगर बच्चा उल्टी कर रहा हो तो उसे करवट के बल लिटाएं ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो.
इन गलतियों से बचने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चा बेहोश हो जाए तो उसे जबरदस्ती पानी या खाना देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. बच्चे को तेज धूप में छोड़ना या भारी कपड़े पहनाना भी खतरनाक हो सकता है. गर्मियों में बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर को ठंडक मिलती रहे.
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
हेल्थ एक्सपर्ट्स माता-पिता को सलाह देते हैं कि दोपहर के समय बच्चों को बाहर खेलने के लिए न भेजें. घर से बाहर निकलते समय बच्चों के साथ पानी की बोतल, टोपी और छाता जरूर रखें. समय-समय पर उन्हें पानी, नारियल पानी या अन्य तरल चीजें देते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे. डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और समय पर ध्यान देकर बच्चों को गर्मी से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है. अगर बच्चे की हालत ज्यादा खराब लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें





