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Tungnath Temple Visit: उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ों में स्थित तुंगनाथ मंदिर अपनी अद्भुत ऊंचाई और रहस्यमयी मौसमीय बंदी के लिए जाना जाता है. यह मंदिर साल में सिर्फ कुछ महीनों के लिए खुलता है, जबकि बाकी समय भारी बर्फबारी के कारण बंद रहता है. “मिनी स्विट्जरलैंड” कहे जाने वाले इस क्षेत्र में इसकी खूबसूरती और आस्था दोनों लोगों को आकर्षित करती हैं.
दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में से एक है तुंगनाथ मंदिर.
उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों में स्थित Tungnath Temple दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में से एक माना जाता है. यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है. यहां की हवा इतनी ठंडी और पतली होती है कि सामान्य लोगों के लिए यात्रा आसान नहीं होती, फिर भी श्रद्धा और आस्था के कारण हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं.
तुंगनाथ मंदिर की सबसे अद्भुत बात यह है कि यह पूरा मंदिर सालभर खुला नहीं रहता. यह मंदिर साल में सिर्फ अप्रैल/मई से अक्टूबर/नवंबर तक कुछ ही महीनों के लिए खुलता है, भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में यहां चारों तरफ बर्फ की मोटी परत जम जाती है. इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भगवान शिव की पूजा को नीचे स्थित मक्कूमठ में जारी रखा जाता है. यही वजह है कि यह मंदिर केवल कुछ महीनों के लिए ही भक्तों के लिए खुला रहता है.
ट्रेकिंग और अद्भुत प्राकृतिक नजारे
तुंगनाथ सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एक एडवेंचर डेस्टिनेशन भी है. यहां का ट्रेक रूट रुद्रप्रयाग जिले के चोपता क्षेत्र से शुरू होता है, जिसे अक्सर “भारत का मिनी स्विट्जरलैंड” भी कहा जाता है. रास्ते में बर्फीले पहाड़, देवदार के जंगल और बादलों के बीच चलते हुए जो नजारा मिलता है, वह यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें




