AI से डकैती: सिर्फ 3 महीने में खाली हो जाएंगे बैंक अकाउंट्स! खुला तबाही का दरवाजा


Agency:एजेंसियां

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सोच‍िए आप कुछ भी न करें और आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाए. चौंक‍िए मत, ऐसा हो सकता है. ब्रिटेन के स‍िक्‍योर‍िटी एक्‍सपर्ट ने चेतावनी दी है कि अगले 90 दिनों के अंदर साइबर क्र‍िम‍िनल्‍स बिना सेफ्टी लॉक वाले चीनी AI का इस्तेमाल करके लोगों के बैंक खाते पलक झपकते ही खाली कर सकते हैं.

AI से डकैती: सिर्फ 3 महीने में खाली हो जाएंगे बैंक अकाउंट्स!Zoom

एआई हैकिंग के जर‍िये बैंक अकाउंट कर देंगे खाली.

अगर आप सोचते हैं कि बैंक में रखी आपकी गाढ़े पसीने की कमाई पूरी तरह सुरक्षित है, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा देगी. ब्रिटेन के टॉप स‍िक्‍योर‍िटी एक्‍सपर्ट ने चेतावनी दी है क‍ि सिर्फ तीन महीने के अंदर दुनिया भर के साइबर क्रिमिनल एआई (AI) का इस्तेमाल करके पलक झपकते ही आपके बैंक खातों में सेंध लगा सकते हैं. एक एक पैसा उड़ा देंगे और आपको भनक भी नहीं लगेगी. चीन के एआई ने तबाही का दरवाजा खोल द‍िया है.

डेली मेल की र‍िपोर्ट के मुताबिक- ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट AISI के अधिकारियों का कहना है क‍ि चीन के एआई की वजह से यह स‍िक्‍योर‍िटी लॉक खुल गया है. उनके मुताबिक, पश्चिमी देशों के एआई सिस्टम में सेफ्टी लॉक होते हैं, जो इसे बम बनाने या चोरी करने जैसे कामों से रोकते हैं. लेकिन चीनी लैब्स ने ऐसे एआई मॉडल बाजार में उतार दिए हैं, जिनके सेफ्टी फीचर्स को कोई भी आसानी से हटा सकता है.

अधिकारियों का कहना है क‍ि बहुत जल्द हर रूसी और नाइजीरियाई हैकर के हाथ में वो जादुई एआई तकनीक होगी, जो दुनिया के सबसे जटिल पासवर्ड को भी तोड़कर आपका बैंक खाता खाली कर देगी.

बैंक भी हो जाएंगे लाचार, बचने के लिए होंगे सिर्फ चंद घंटे

डराने वाली बात ये है कि हमारे बैंक भी इस एआई अटैक के लिए तैयार नहीं हैं. फाइनेंशियल स्टेबिलिटी इंस्टीट्यूट का कहना है क‍ि मौजूदा बैंकिंग सिस्टम इस हाई-टेक एआई हैकिंग का मुकाबला नहीं कर सकता. अगर हैकर्स ने हमला किया, तो बैंकों के पास उसे रोकने और आपका पैसा बचाने के लिए हफ्तों का नहीं… बल्कि सिर्फ कुछ घंटों का वक्त होगा.

अब AI को माना जा रहा खतरनाक हथियार

हाल ही में अमेरिका की दिग्गज एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने ब्रिटेन के सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट को अपने लेटेस्ट मॉडल की टेस्टिंग करने से रोक दिया है. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि अमेरिका अब एआई को किसी स्टेट सीक्रेट या खतरनाक हथियार की तरह देख रहा है.

हैरानी की बात ये है कि खुद एंथ्रोपिक ने माना है कि इस साल कुछ लोगों ने उनके एआई का इस्तेमाल बायो-वेपन यानी जैविक हथियार बनाने के लिए करने की कोशिश की थी, जिसे कंपनी ने किसी तरह रोका. यानी मुनाफे और तकनीक की अंधी रेस में एआई अब एक ऐसा बेकाबू जिन्न बनता जा रहा है, जो कभी भी बोतल से बाहर आकर आम आदमी की जिंदगी में तबाही मचा सकता है.

कैसे पड़ेगी ये ड‍िज‍िटल डकैती

  1. अमेरिका या ब्रिटेन के AI जैसे ChatGPT में सेफ्टी गार्डरेल्स होते हैं. अगर कोई हैकर इनसे पासवर्ड तोड़ने या फ्रॉड करने का कोड मांगे, तो AI तुरंत एक रिफ्यूजल मैसेज दे देता है. यानी खुद ही इनकार कर देता है. लेकिन खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ऐसे एडवांस AI मॉडल बना रहा है, जिनके सेफ्टी फीचर्स को हैकर्स आसानी से डिसेबल यानी बंद कर सकते हैं.
  2. ब्रिटिश अधिकारियों का दावा है कि चीनी AI मॉडल्स का फायदा उठाकर हर रूसी और नाइजीरियाई हैकर रातों-रात सुपर-हैकर बन जाएगा. उन्हें अब कोडिंग में दिमाग खपाने की जरूरत नहीं होगी, सारा काम AI खुद करेगा.
  3. जैसे ही AI का सेफ्टी लॉक हटेगा, यह एक ऐसी मशीन बन जाएगा जो पलक झपकते ही दुनिया के सबसे जटिल और एडवांस पासवर्ड्स को भी क्रैक कर लेगा. इसका सीधा इस्तेमाल आम लोगों के फाइनेंश‍ियल डेटा चुराने और कंपनियों का डेटा उड़ाने में किया जाएगा.

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ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्‍हें मीड‍िया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …

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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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