जोमैटो नए राजस्व स्रोतों की तलाश में
यह नया शुल्क जोमैटो के पहले से लागू प्लेटफॉर्म शुल्क, रेस्तरां द्वारा लिए जाने वाले पैकेजिंग शुल्क और जीएसटी से अलग है। यानी ‘कैश ऑन डिलीवरी’ विकल्प चुनने वाले ग्राहकों को अब कुल बिल में एक अतिरिक्त राशि भी चुकानी पड़ेगी। वहीं, ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहकों से यह शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
जोमैटो प्रतिदिन लगभग 23 लाख से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करता है। ऐसे समय में जब रैपिडो का फूड डिलीवरी ब्रांड ओनली तेजी से बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है और फ्लिपकार्ट भी अपने ‘ईट इन’ फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म का परीक्षण कर रहा है, जोमैटो नए राजस्व स्रोतों की तलाश में है।




