Places to visit in uttarakhand | how to reach kausani | उत्तराखंड में घूमने वाली जगहें |


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Mini Switzerland Kausani Visit: गर्मियों की छुट्टियों में अगर आप भी पहाड़ों की ठंडी हवाओं और बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों का दीदार करना चाहते हैं, तो भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाने वाले कौसानी आ सकते हैं. उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित यह खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. जानिए कि कैसे आप बागेश्वर से कौसानी तक बस और टैक्सी के जरिए बेहद कम बजट में कैसे पहुंच सकते हैं और रास्ते में पड़ने वाले ऐतिहासिक बैजनाथ मंदिर समेत यहां के कौन-कौन से नजारे आपके इस सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे.

Places to Visit in Uttarakhand: उत्तराखंड का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘कौसानी’ अपनी जादुई प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और विशाल हिमालय की चोटियों के शानदार नजारों के लिए देश-विदेश के सैलानियों के बीच जाना जाता है. समुद्र तल से लगभग 1,890 मीटर की ऊंचाई पर बसे कौसानी को इसकी बेमिसाल खूबसूरती के कारण भारत का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है. अगर आप बागेश्वर आए हैं या यहां आने का प्लान बना रहे हैं, तो कौसानी की सैर आपके इस सफर में चार चांद लगा सकती है. जिला मुख्यालय बागेश्वर से कौसानी की दूरी महज 35 किलोमीटर है और यहां जाने का रास्ता बेहद सुहावना और पहाड़ों के सुंदर दृश्यों से भरा हुआ है.

बस से सफर है सबसे सस्ता और बेहतर विकल्प
बागेश्वर से कौसानी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग ही एकमात्र और सबसे प्रमुख साधन है. कम बजट में सफर करने वाले सैलानियों के लिए बस की यात्रा सबसे बेस्ट मानी जाती है. बागेश्वर बस स्टेशन से कौसानी के लिए हर दिन नियमित रूप से उत्तराखंड रोडवेज और केमू (KMOU) की बसें चलती हैं. बसों के जरिए यह पहाड़ी सफर आम तौर पर 1 से 2 घंटे के भीतर बहुत आसानी से पूरा हो जाता है. ये बसें गरुड़, बैजनाथ और रवाईखाल जैसे खूबसूरत पहाड़ी रास्तों से होते हुए कौसानी तक पहुंचती हैं.

शेयरिंग टैक्सी और प्राइवेट कैब की भी है बढ़िया सुविधा
स्थानीय जानकार उमेश शाह बताते हैं कि अगर आप थोड़ा और आरामदायक सफर चाहते हैं, तो बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड से आपको शेयरिंग टैक्सी, मैक्स गाड़ियां और प्राइवेट टैक्सी भी बहुत आसानी से मिल जाएंगी. अगर आप अपने परिवार या दोस्तों के ग्रुप के साथ घूम रहे हैं, तो पूरी निजी कैब बुक करना ज्यादा बेहतर रहेगा. बागेश्वर से कौसानी के पूरे रास्ते में पड़ने वाले खूबसूरत छोटे-छोटे गांव, पहाड़ों पर बने सीढ़ीनुमा खेत और चीड़ के हरे-भरे जंगल पर्यटकों का मन मोह लेते हैं.

रास्ते में करिए प्राचीन बैजनाथ मंदिर के दर्शन
कौसानी जाते समय रास्ते में पड़ने वाला प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण है. गोमती नदी के किनारे स्थित यह ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर समूह भगवान शिव को समर्पित है. अपनी धार्मिक महत्ता और अद्भुत वास्तुकला के लिए मशहूर इस जगह पर रुककर पर्यटक मंदिर के दर्शन भी करते हैं और नदी के किनारे की ठंडी हवाओं और हरियाली का आनंद भी लेते हैं. यहां का शांत माहौल यात्रियों की थकान को मिनटों में दूर कर देता है.

बर्फ से ढकी चोटियों और सनसेट का उठाइए लुत्फ
कौसानी पहुंचते ही पर्यटकों को नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचूली जैसी हिमालय की विशाल और बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाओं के सीधे दर्शन होते हैं. यहां सुबह के सूर्योदय और शाम के सूर्यास्त के समय आसमान के बदलते रंग देखना किसी सपने जैसा लगता है. इसके अलावा यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों से जुड़ा अनासक्ति आश्रम, लक्ष्मी आश्रम, दूर-दूर तक फैले चाय के बागान और खूबसूरत व्यू प्वाइंट्स भी सैलानियों को खूब पसंद आते हैं. गर्मियों में जहां यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, वहीं सर्दियों में लोग यहां बर्फबारी का मजा लेने पहुंचते हैं. कुल मिलाकर, कौसानी हर मौसम में घूमने के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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