कई सरकारी सेवाओं के बिल पर भी शुल्क
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘यह शुल्क केवल 2,000 रुपये से अधिक के पी2एम लेनदेन पर ही 0.4 प्रतिशत की दर से लागू होगा। इससे मिलने वाला कमीशन बैंकों और ऐप प्रदाताओं सहित भुगतान प्रणाली के भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।’’ रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि कच्चा माल जैसे आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के प्रत्येक लेनदेन पर पांच रुपये का एक समान शुल्क लगेगा। इन श्रेणियों की हिस्सेदारी पी2एम लेनदेन की मात्रा में करीब 17 प्रतिशत, जबकि लेनदेन के मूल्य में लगभग 46 प्रतिशत है।
बिजली, पानी और पाइप गैस पर भी शुल्क
यही समान शुल्क व्यवस्था सरकारी उपयोगिता बिलों (बिजली, पानी और पाइप वाली गैस) के भुगतान और स्कूल फीस और विश्वविद्यालय शुल्क जैसे शैक्षणिक भुगतान पर भी लागू होगी। हालांकि 2,000 रुपये तक के ऐसे भुगतान इस शुल्क से मुक्त रहेंगे। म्यूचुअल फंड, प्रतिभूतियों, शेयर ब्रोकर और डीलर के जरिये किए जाने वाले भुगतान पर 0.02 प्रतिशत एमडीआर लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।




