‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अमेरिकी नाकाबंदी पर ईरान भड़क गया है। उसने अमेरिका के इस कदम को संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है।

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‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर अमेरिकी नाकाबांदी के बीच तनाव और बढ़ने लगा है। ईरानी ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका की कथित नौसैनिक नाकाबंदी पर कड़ा ऐतराज जताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अमेरिकी गतिविधियों को तेहरान ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का “गंभीर उल्लंघन” करार दिया है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि इस कदम के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमेरिका के कदम को ‘उकसावे वाली कार्रवाई’ बताया
‘प्रेस टीवी’ के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है। ईरान का कहना है कि यह कदम सीधे तौर पर उसके अधिकार क्षेत्र में दखल है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान ने इसे “उकसावे वाली कार्रवाई” मानते हुए चेतावनी दी है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
वैश्विक सप्लाई पर असर की चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर व्यापक असर डाल सकता है। बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता भी जताई गई है।
बढ़ सकता है टकराव
ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह घटनाक्रम हालात को और गंभीर बना सकता है। ईरान की सख्त चेतावनी और अमेरिका की रणनीति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो स्थिति टकराव में बदल सकती है। फिलहाल 14 दिन का सीजफायर लागू है। जाहिर है अगर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो जंग भड़ने की आशंका है, सीजफाय टूट भी सकता है।





