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US-Spain Clash FIFA 2026: आखिरकार स्पेन की शानदार जीत के साथ FIFA 2026 का सफर खत्म हो गया. ये वर्ल्ड कप सिर्फ स्पेन की जीत और अर्जेंटीना की हार ही नहीं बल्कि एक ऐसे पल के लिए भी जाना जाएगा, जो राजनैतिक रूप से अजीब था. दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने जिस टीम को ये कप सौंपा, उस देश के पीएम से उनकी अलग ही लेवल की लड़ाई चल रही थी लेकिन खेल तो खेल है.
स्पेन की टीम को ट्रॉफी देना बना ट्रंप की मजबूरी. (रॉयटर्स)
सोचिए, अगर आप किसी शख्स से हफ्ते भर पहले लड़ चुके हों और आपको उसी को बधाई देनी पड़ जाए तो ये नजारा कैसा होगा? कुछ ऐसा ही हुआ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ. मेटलाइफ स्टेडियम में दिन ढल रहा था और फीफा 2026 की ट्रॉफी चमक रही थी. स्पेन की टीम ने अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराकर विश्व कप 2026 जीत लिया था, लेकिन सबसे दिलचस्प पल वह था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद स्पेन के कप्तान रोड्री को ट्रॉफी सौंपी. ये नजारा इसलिए अजीब हो गया था क्योंकि थोड़े ही वक्त पहले अमेरिका-स्पेन के बीच रिश्ते तल्ख हुए हैं.
इस मामले को और अच्छी तरह जानने के लिए ईरान युद्ध की बात करते हैं, जिसकी शुरुआत कुछ महीने हुई थी. नाटो की बैठक में ट्रंप और स्पेन के बीच तीखी बहस हुई थी. ये वो वक्त था, जब ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अड़े हुए थे और नाटो के साथ न देने पर उसे खुले मंच से खरी-खरी सुना रहे थे. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान नीति, रक्षा खर्च और यूरोपीय सहयोग पर स्पेन समेत कई देशों पर तंज कसे थे. फिर ईरान युद्ध शुरू हुआ और ट्रंप ने चाहा कि ईरान के खिलाफ सारे देश एक सुर में बोलों, जबकि स्पेन समेत कई यूरोपीय देश अधिक संतुलित रणनीति चाहते थे.
स्पेन के राष्ट्रपति से ट्रंप का झगड़ा
नाटो मीटिंग में दोनों पक्षों के बीच तनाव साफ दिखा. मीडिया ने इसे ट्रंप बनाम यूरोप का आमना-सामना बताया. स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज और ट्रंप के बीच इतनी गर्म बहस हुई कि ट्रंप ने ऐलान कर दिया कि वे स्पेन के साथ ट्रेड डील तो बिल्कुल नहीं करेंगे. स्पेन ने कई मौकों पर अमेरिका की नीतियों से असहमति जताई थी. नाटो में रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग पर भी स्पेन ने अपना पक्ष रखा. यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यूरोपीय देशों को फ्री राइडर कहा था.
स्पेन की जीत और ट्रंप की कश्मकश
अगर ये मुकाबला अर्जेंटीना जीत जाता, तो ट्रंप के लिए स्थिति इतनी असहज नहीं होती लेकिन सामने स्पेन की टीम थी और फुटबॉल का सबसे बड़ा सम्मान फीफा वर्ल्ड कप. ऐसे में वही ट्रंप, जिसने ईरान मुद्दे पर स्पेन से मतभेद जताया था, उसी स्पेन की टीम को विश्व कप का सबसे बड़ा सम्मान दे रहे थे. ट्रंप मंच पर खड़े रहे, खिलाड़ियों से हाथ मिलाया, मेडल पहनाए और ट्रॉफी सौंपी. यह घटना महज एक खेल समारोह नहीं थी बल्कि यह राजनीति और खेल के बीच की अनोखी कहानी थी. ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर सख्त था. विश्व कप फाइनल में ट्रंप ने स्पेन की तारीफ की. स्टेडियम में स्पेन के राजा फेलिपे VI, रानी लेटिजिया और खुद पेड्रो सांचेज भी मौजूद थे. यह दृश्य देखकर कई लोग मुस्कुरा रहे थे. जो देश ईरान मुद्दे पर ट्रंप से टकराव पर था, उसी के खिलाड़ी अमेरिकी मिट्टी पर चैंपियन बनकर खड़े थे और ट्रंप खुद उन्हें पुरस्कार दे रहे थे. स्पेन की जीत और ट्रंप का यह नाटकीय रोल दोनों ही इस विश्व कप को यादगार बना गए.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें




