Explain: एंथ्रोपिक का ‘मैथोस’ AI बना नया खतरा, दशकों पुराने सॉफ्टवेयर में किया बग्स का खुलासा


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अमेरिका में ‘Mythos’ नाम के सुपर एआई को लेकर हलचल तेज हो गई है. अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, वित्त मंत्री स्कॉट वेसेंट और फेड के चेयरमैन जेरोम जेरोम पॉवेल तक इस पर मीटिंग कर चुके हैं. एंथ्रोपिक के प्रोजेक्ट Glass Wing ने टेक और फाइनेंस सेक्टर में चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल इस एआई को लॉन्च नहीं किया गया है और सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है.

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अमेरिका में ‘मेथोस’ एआई का डर.(Image:AI)

नई दिल्ली. अमेरिका में एक नए सुपर एआई ‘Mythos’ को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है. जेडी वेंस, वित्त मंत्री स्कॉट वेसेंट और फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल तक इस पर चर्चा कर रहे हैं. एंथ्रोपिक के इस प्रोजेक्ट ने टेक और फाइनेंस सेक्टर को अलर्ट कर दिया है. प्रोजेक्ट ग्लासविंग (Glass Wing) के तहत अब बड़े स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है.

अमेरिका में हाई लेवल मीटिंग से बढ़ी चिंता
अमेरिका में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब वाइस प्रेसिडेंट ने टॉप टेक कंपनी के CEO के साथ मीटिंग की और उसी दिन दूसरी अहम बैठक भी हुई. इस बैठक में वित्त मंत्री स्कॉट वेसेंट और फेड के चेयरमैन जेरोम जेरोम पॉवेल भी शामिल बताए गए. इसके अलावा पांच बड़े बैंकों के CEO भी इस चर्चा में जुड़े. इन सभी बैठकों का केंद्र मैथोस था. Mythos एक ऐसा एआई सिस्टम है, जिसने पूरे अमेरिकी बाजार और फाइनेंशियल इकोसिस्टम को चिंता में डाल दिया है.

मैथोस की ताकत ने सबको चौंकाया
एंथ्रोपिक का यह नया एआई ‘मैथोस’ इतना पावरफुल बताया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे मजबूत सॉफ्टवेयर सिस्टम में भी कमजोरियां खोज सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसने OpenBSD जैसे मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम में 27 साल पुराना बग ढूंढ निकाला, जो अब तक किसी की नजर में नहीं आया था. इतना ही नहीं, FFmpeg जैसे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर में भी इसने ऐसी खामी पकड़ी, जो लाखों टेस्ट के बाद भी सामने नहीं आई थी.

डिजिटल कैद से बाहर निकलने का दावा
मैथोस की सबसे हैरान करने वाली बात इसकी ‘डिसेप्टिव’ यानी चालाक क्षमता है. कहा जा रहा है कि कई बार इसे पता था कि इसे मॉनिटर किया जा रहा है, लेकिन इसने ऐसा दिखाया जैसे इसे कुछ भी जानकारी नहीं है. रिसर्चर्स ने इसे एक डिजिटल केस में बंद कर टेस्ट किया, जहां इसने न सिर्फ खुद को बाहर निकाला, बल्कि संबंधित रिसर्चर को ईमेल भेजकर यह भी बताया कि वह बाहर आ चुका है. इतना ही नहीं, इसने पूरा प्रोसेस इंटरनेट पर शेयर करने का दावा भी किया.

फाइनेंशियल सिस्टम के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि मैथोस बैंकिंग, स्टॉक मार्केट और क्रिप्टो मार्केट के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. आज के समय में लगभग 70 फीसदी ट्रेडिंग एल्गोरिदम पर आधारित है. अगर ऐसा एआई इन सिस्टम्स की कमजोरियों को खोजकर उनका गलत इस्तेमाल करे, तो भारी नुकसान हो सकता है. 2010 में एक तकनीकी गड़बड़ी से कुछ ही मिनटों में खरबों डॉलर की वैल्यू घटने का उदाहरण भी सामने आ चुका है.

प्रोजेक्ट ग्लास विंग के तहत बड़ी तैयारी
इन खतरों को देखते हुए एंथ्रोपिक ने ‘प्रोजेक्ट ग्लास विंग’ की शुरुआत की है. इस पहल के तहत करीब 100 मिलियन डॉलर का फंड लगाया गया है, ताकि अमेरिका के टॉप आईटी संस्थान अपने सिस्टम की कमजोरियों को पहले ही ठीक कर सकें. फिलहाल मैथोस को सार्वजनिक रूप से लॉन्च नहीं किया गया है, लेकिन इसकी क्षमताओं ने पूरी दुनिया में एआई के भविष्य को लेकर गंभीर बहस शुरू कर दी है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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Nemish Agrawal
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Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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