ताजमहल से पहले देख लें फरीदाबाद की ये ऐतिहासिक जगह, यहां छिपा है सदियों पुराना इतिहास, जानें कैसे जाएं?


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Faridabad Tourism: आगरा के ताजमहल का सफर शुरू करने से पहले फरीदाबाद के सूरजकुंड को ट्रैवल प्लान में शामिल किया जा सकता है. ऐतिहासिक जलाशय, पुरानी वास्तुकला और शांत माहौल इसे अलग अनुभव बनाते हैं. यात्रा के दौरान यहां की विरासत और स्थानीय परिवेश को करीब से देखा जा सकता है.

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ताजमहल से पहले देखें फरीदाबाद का सूरजकुंड (Image-AI generated)

Faridabad Tourism: आगरा में ताजमहल देखने का प्लान बनाते समय ज्यादातर लोगों की नजर सीधे सफेद संगमरमर की उस मशहूर इमारत पर टिक जाती है. लेकिन अगर सफर दिल्ली-एनसीआर से शुरू हो रहा है तो रास्ते में फरीदाबाद की एक ऐसी जगह है, जिसे देखकर यात्रा का अनुभव और दिलचस्प हो सकता है. यहां इतिहास, वास्तुकला और शांत माहौल एक साथ देखने को मिलता है. खास बात यह है कि यह जगह शहर की भागदौड़ से थोड़ी अलग महसूस होती है.

परिवार के साथ घूमने वालों से लेकर इतिहास और पुरानी इमारतों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों तक के लिए यह जगह आकर्षण का केंद्र बन सकती है. ताजमहल की चमक देखने से पहले इस ऐतिहासिक स्थल को अपने ट्रैवल प्लान में शामिल करना एक अलग अनुभव दे सकता है.

फरीदाबाद में कहां जाएं

अगर आप ताजमहल जाने से पहले फरीदाबाद में किसी ऐतिहासिक जगह को देखना चाहते हैं तो सूरजकुंड एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. दिल्ली से सटे फरीदाबाद में स्थित सूरजकुंड अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक माहौल के लिए जाना जाता है. यहां बना प्राचीन जलाशय इस जगह की पहचान का अहम हिस्सा है. सूरजकुंड का नाम सूर्य से जुड़ी मान्यताओं और यहां मौजूद पुराने जलाशय से जोड़ा जाता है. इस जगह की वास्तुकला में पुराने समय की निर्माण शैली की झलक दिखाई देती है. घूमते समय आपको यहां सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि हरियाणा की पुरानी विरासत से जुड़ा परिवेश भी देखने को मिलता है.

सूरजकुंड की खासियत क्या है

सूरजकुंड को खास बनाने वाली बात इसका ऐतिहासिक परिवेश है. यहां बना कुंड सीढ़ीनुमा संरचना के साथ दिखाई देता है. पत्थरों से बनी यह संरचना पुरानी कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी की याद दिलाती है. यह जगह उन लोगों को खास तौर पर पसंद आ सकती है जिन्हें ऐतिहासिक इमारतों के साथ फोटोग्राफी करना अच्छा लगता है. सुबह या शाम के समय यहां का माहौल अपेक्षाकृत शांत महसूस हो सकता है. आसपास का खुला क्षेत्र भी घूमने के अनुभव को बेहतर बनाता है. सूरजकुंड का संबंध तोमर राजवंश के दौर से बताया जाता है. इतिहास से जुड़े विवरणों के अनुसार इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में तोमर शासक सूरजपाल से जोड़ा जाता है. हालांकि किसी भी ऐतिहासिक स्थल की जानकारी समझते समय स्थानीय परंपराओं और ऐतिहासिक स्रोतों के बीच अंतर ध्यान में रखना जरूरी है.

कैसे जाएं?

Surajkund Ancient Reservoir फरीदाबाद के सूरजकुंड तक दिल्ली से मेट्रो और सड़क दोनों रास्तों से पहुंचा जा सकता है. दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन उतरकर आगे ऑटो या ई-रिक्शा लिया जा सकता है. सूरजकुंड के लिए सराय और बदरपुर बॉर्डर स्टेशन आसपास के विकल्प हैं. हरियाणा पर्यटन के मुताबिक सूरजकुंड दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद से सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा है.

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2 लोगों का कितना खर्च आएगा?

अगर दिल्ली से दो लोग मेट्रो से सूरजकुंड जाते हैं तो आने-जाने का खर्च आपके शुरुआती स्टेशन पर निर्भर करेगा. बदरपुर बॉर्डर से आगे ऑटो या ई-रिक्शा लेने पर दोनों लोगों का लोकल ट्रांसपोर्ट खर्च करीब ₹150–₹300 मान सकते हैं. यानी दिल्ली के किसी मेट्रो स्टेशन से आने-जाने समेत दो लोगों का सामान्य बजट करीब ₹400–₹700 रखा जा सकता है. यह अनुमान है, क्योंकि मेट्रो किराया आपके शुरुआती स्टेशन और ऑटो का किराया समय व दूरी के हिसाब से बदल सकता है.

ताजमहल से पहले क्यों बनाएं यहां का प्लान

अगर आपका सफर दिल्ली या आसपास के इलाके से आगरा की ओर है तो फरीदाबाद को रास्ते के एक पड़ाव की तरह देखा जा सकता है. सूरजकुंड देखने के बाद आप अपनी आगे की यात्रा जारी रख सकते हैं. इस तरह की यात्रा का फायदा यह है कि पूरा सफर सिर्फ एक प्रसिद्ध स्मारक तक सीमित नहीं रहता. रास्ते में मिलने वाली स्थानीय विरासत और पुराने स्थलों को देखने का मौका भी मिलता है. खासकर बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो सूरजकुंड जैसे स्थान इतिहास को किताबों से बाहर समझने का एक अवसर दे सकते हैं.

घूमने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सूरजकुंड जाने से पहले इसके मौजूदा प्रवेश नियम और खुलने का समय जरूर देख लें. मौसम का भी ध्यान रखना जरूरी है. गर्मियों में खुले इलाके में घूमते समय सुबह या शाम का समय ज्यादा आरामदायक हो सकता है. अगर आपका उद्देश्य सिर्फ तस्वीरें लेना नहीं बल्कि जगह के इतिहास को समझना है तो वहां पहुंचकर नोटिस बोर्ड और उपलब्ध स्थानीय जानकारी को ध्यान से पढ़ें. इससे आपकी यात्रा केवल घूमने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जगह की पृष्ठभूमि भी समझ में आएगी.

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Keerti Rajpoot

कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…

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