बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि जेल या फांसी का खतरा होने के बावजूद वह अपने देश लौटेंगी और अदालत का सामना करेंगी। उन्होंने 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में अपनी सजा को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
‘बांग्लादेश लौटूंगी और अदालत में पेश होऊंगी’
78 साल की शेख हसीना ने जापानी न्यूज एजेंसी क्योडो न्यूज को दिए एक लिखित इंटरव्यू में कहा, “मैं बांग्लादेश लौटूंगी और अदालत में पेश होऊंगी।” हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस अदालत में पेश होंगी। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “वे मुझे जेल भेज सकते हैं, यहां तक कि फांसी देने की भी कोशिश कर सकते हैं। मुझे इन सभी जोखिमों का पता है।”




