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अमेरिका में भीषण हीटवेव के चलते 4.4 करोड़ लोग मौसम विभाग की चेतावनी वाले क्षेत्रों में हैं. कई राज्यों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और नए रिकॉर्ड बनने की आशंका है. भीषण गर्मी से कोलोराडो और यूटा में जंगल की आग बुझाने का काम भी प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और धूप से बचने की सलाह दी है.
अमेरिका में भीषण गर्मी से हाहाकार मचा है.
वॉशिंगटन: पूर्वी एशिया जहां भारी बारिश और तूफान का सामना कर रहा है. वहीं यूरोप में भीषण गर्मी देखी जा रही है. इसी तरह की गर्मी अब अमेरिका को भी जला रही है. अमेरिका में गर्मी ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. देश के कई हिस्सों में हीटवेव ने ऐसा असर दिखाना शुरू कर दिया है कि करीब 4.4 करोड़ लोग वॉर्निंग वाले इलाकों में आ गए हैं. मौसम विभाग ने आगाह किया है कि वीकेंड में कई राज्यों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस (110°F) तक पहुंच सकता है और कई जगह पुराने रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं.
अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस (NWS) के मुताबिक रॉकी माउंटेन क्षेत्र और उत्तरी मैदानी राज्यों में इस समय सामान्य से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ रही है. रविवार को हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहने का अनुमान है. मोंटाना और नॉर्थ डकोटा समेत कई राज्यों में तापमान 100 से 110 डिग्री फारेनहाइट के बीच रहने की संभावना जताई गई है. वहीं साल्ट लेक सिटी में भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान लगातार तीन अंकों वाले तापमान (100°F से अधिक) दर्ज हो सकते हैं. लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है.
जंगल की आग पर काबू पाना हो रहा मुश्किल
भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है. कोलोराडो और यूटा में जंगलों में लगी आग पर काबू पाने की कोशिशें भी तेज गर्मी की वजह से और मुश्किल हो गई हैं. ऊंचे तापमान और सूखे मौसम से आग तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है. गर्मी की लहर अब अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों तक भी पहुंच गई है. मियामी में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है, जहां शनिवार को फीफा महिला वर्ल्ड कप का इंग्लैंड-नॉर्वे क्वार्टर फाइनल खेला जाना था.
यूरोप में भी गर्मी से मची तबाही
यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब अमेरिका के अलग-अलग हिस्से भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं. पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस (104°F) तक पहुंच गया था. दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी गर्मी नए रिकॉर्ड बना रही है. हाल ही में पश्चिमी यूरोप ने अपने इतिहास का सबसे गर्म जून महीना दर्ज किया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इस हीटवेव से यूरोप में 1,300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. फ्रांस में तेज गर्मी के कारण एफिल टावर समेत पेरिस के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को समय से पहले बंद करना पड़ा.




