अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों रियलिटी क्विज शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ की मेजबानी करते नजर आ रहे हैं। अभिनेता ने अपने शो में सभी को समय की कीमत के बारे में अच्छे तरीके से समझाया। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन की साथ में की फिल्म ‘वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम’ का जिक्र करते हुए कहा कि असल जिंदगी फिल्मों की तरह नहीं होती।
अक्षय ने बताया कि ‘वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम’ उनकी खास फिल्मों में से एक थी और इसकी एक लाइन ने उनकी जिंदगी बदल दी थी। अक्षय ने कहा, “मैं आपको एक फिल्म बताता हूं, जो मेरी जिंदगी के लिए बहुत खास फिल्मों में से थी। उसका नाम था ‘वक्त’। इस फिल्म में एक लाइन होती है, ‘कोई बात नहीं बेटा है, सुधर जाएगा’, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं होता। हम अक्सर सोचते हैं कि कल सुधर जाएगा, बाद में कर लेंगे, लेकिन समय किसी का इंतजार नहीं करता।”
अक्षय ने आगे ‘सूरज चमकते समय घास बनाने’ की कहावत का भी जिक्र किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मौका मिलते ही काम कर लेना चाहिए, वरना बाद में पछतावा ही रह जाता है।
एक प्रतियोगी रोहित को संबोधित करते हुए अक्षय ने सीधे कहा, “रोहित, मैं सच बता रहा हूं बेटा, वक्त किसी का इंतजार नहीं करता।”
अक्षय ने कहा, “मैं बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा नहीं था। इसलिए 14 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था, क्योंकि धीरे धीरे मुझे महसूस हुआ कि अपनी जिंदगी खुद संभालनी होगी।”
अक्षय ने अपने संदेश को एक मजबूत निष्कर्ष के साथ खत्म किया। उन्होंने कहा, “मैं सबको यह कहना चाहता हूं कि कभी यह मत सोचिए कि सही वक्त आने पर कर लेंगे। अगर कुछ करना है तो आज ही शुरू कर दो। वरना वह काम कभी नहीं हो पाएगा। समय बहुत तेजी से गुजरता है और पीछे मुड़कर देखने पर सिर्फ अफसोस रह जाता है।”





