बीते मंगलवार को कई विपक्षी दलों ने रीजीजू को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वह चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाए।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू को पत्र लिखकर महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के विषय पर मोदी सरकार की जल्दबादी पर सवाल उठाया। साथ ही उन्होंने एक बार फिर इस विषय पर चुनाव बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। खड़गे ने कहा कि जब राजनीतिक दल चुनाव में व्यस्त हैं तो फिर वह बहुत जल्दबाजी में क्यों नजर आ रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को लिखे पत्र में कहा कि सरकार को 29 अप्रैल, 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। बीते मंगलवार को विपक्षी दलों ने रीजीजू को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वह चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए बीते सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस बीच चर्चा है कि सरकार इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने जा रही है, जिस पर खड़गे समेत कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई है।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।





