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Weight Loss Drugs and Diabetes: वजन घटाने वाली दवाएं मुख्य रूप से डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए बनाई गई थीं. अब इनका इस्तेमाल वेट लॉस के लिए किया जा रहा है. एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल के अनुसार डायबिटीज के अधिकतर मरीजों के लिए यह दवा फायदेमंद है. इसके अलावा जिन लोगों का BMI 27 या 30 से ज्यादा है, वे डॉक्टर की सलाह पर इन दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. कई रिसर्च में इन दवाओं को फैटी लिवर में भी लाभकारी माना गया है.
वेट लॉस ड्रग्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए.
Weight Loss Drugs Uses and Benefits: आजकल ओजेम्पिक, मोनजारो समेत कई वेट लॉस ड्रग्स चर्चाओं में हैं. ये दवाएं डायबिटीज के मरीजों के लिए बनाई गई थीं, लेकिन अब वजन घटाने में भी कारगर साबित हो रही हैं. बाजार में कई कंपनियों ने वेट लॉस ड्रग्स लॉन्च कर दिए हैं. आने वाले कुछ महीनों में इनके जेनेरिक वर्जन भी उपलब्ध हो सकते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो इन दवाओं का इस्तेमाल केवल एक्सपर्ट की सलाह पर करना चाहिए. ये दवाएं मुख्य रूप से उन लोगों के लिए डेवलप की गई हैं, जो मोटापे के साथ-साथ अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों से जूझ रहे हैं. अक्सर लोगों का सवाल होता है कि वेट लॉस की दवाएं किसे लेनी चाहिए और डायबिटीज के मरीजों के लिए ये कितनी फायदेमंद हैं? चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं.
गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के ओबेसिटी एंड डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट दवाएं बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हें आमतौर पर वेट लॉस ड्रग्स कहा जाता है, लेकिन ये दवाएं डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए बनाई गई थीं. धीरे-धीरे ये वेट लॉस ड्रग्स के तौर पर पॉप्युलर हो गईं. ये दवाएं ब्लड शुगर लेवल को प्रभावी ढंग से कंट्रोल करती हैं. अधिकतर डायबिटीज के मरीजों के लिए ये लाभकारी हैं, लेकिन सभी मरीजों को ये दवाएं लेने की सलाह नहीं दी जाती है. मरीजों की कंडीशन के अनुसार लो डोज दवाएं दी जाती हैं. यह उन मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिनका वजन ज्यादा होने के कारण शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा है.
डॉक्टर ने बताया कि वेट लॉस दवाओं की डोज बहुत ही सटीक होनी चाहिए. आमतौर पर इलाज की शुरुआत लो डोज जैसे- 1ml प्रति सप्ताह से की जाती है, ताकि शरीर इसके प्रति अनुकूल हो सके. जब लक्ष्य केवल डायबिटीज कंट्रोल करना होता है, तो कम खुराक पर्याप्त होती है. अगर मुख्य उद्देश्य वजन घटाना है, तो डॉक्टर धीरे-धीरे इसकी डोज को बढ़ाकर 2.4ml प्रति सप्ताह तक ले जा सकते हैं. डोज में यह बदलाव मरीज की शारीरिक प्रतिक्रिया और साइड इफेक्ट्स को ध्यान में रखकर ही किया जाता है. डायबिटीज के जिन मरीजों का वजन पहले से ही संतुलित है, उन्हें केवल शुगर कंट्रोल के लिए अन्य दवाओं के विकल्प दिए जा सकते हैं. बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए.
डॉक्टर अग्रवाल के अनुसार वजन घटाने वाली दवाओं के लिए कुछ विशेष मानक तय किए गए हैं. अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 30 से ऊपर है, तब डॉक्टर आपको वेट लॉस ड्रग्स लेने की सलाह दे सकते हैं. अगर आपका BMI 27 से ज्यादा है और आपको साथ में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याएं हैं, तो भी डॉक्टर इन दवाओं की सलाह दे सकते हैं. यह समझना जरूरी है कि ये दवाएं केवल कॉस्मेटिक वेट लॉस के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए दी जाती हैं. कुछ रिसर्च में वेट लॉस ड्रग्स को फैटी लिवर में भी फायदेमंद माना गया है. हालांकि इन दवाओं का ओवरयूज करने से साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





