150 सेकंड में एक किलोमीटर… रोवर का जमाना गया! बिना हवा वाले चांद पर कैसे उड़ेंगे NASA के ये जादुई ड्रोन?


होमफोटोनॉलेज

150 सेकंड में एक किमी… बिना हवा वाले चांद पर कैसे उड़ेंगे NASA के जादुई ड्रोन?

Last Updated:

NASA Moonfall Drones: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ‘मूनफॉल ड्रोन्स’ नाम का एक नया कॉन्सेप्ट तैयार कर रही है. ये ऑटोनॉमस ड्रोन चांद के उन हिस्सों की जांच करेंगे जहां आज तक कोई नहीं पहुंच सका है. खासतौर पर चांद का दक्षिणी ध्रुव, जो वैज्ञानिकों के लिए बहुत अहम है. वहां की दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ जमीन पर रोवर चलाना काफी मुश्किल होता है. इसीलिए नासा अब हवा में उड़ने या कहें कि सतह पर उछलने वाले ड्रोन्स की मदद लेने वाला है. ये ड्रोन आर्टेमिस मिशन का हिस्सा होंगे, जिसका मकसद चांद पर इंसानों की स्थायी बस्ती बसाना है. बिना हवा वाले चांद पर ये ड्रोन पंखों से नहीं बल्कि रॉकेट इंजन के ‘हॉपिंग’ मैकेनिज्म से उड़ेंगे. ये खास तौर पर दक्षिणी ध्रुव के उन दुर्गम गड्ढों में जा सकेंगे जहां रोवर नहीं पहुंच पाते.

धरती पर ड्रोन हवा के दबाव और पंखों की मदद से उड़ते हैं. लेकिन चांद पर वायुमंडल यानी हवा नहीं है, तो वहां पंख काम नहीं कर सकते. नासा के मूनफॉल ड्रोन पारंपरिक ड्रोन्स की तरह नहीं उड़ेंगे. ये ‘प्रोपल्शन-बेस्ड हॉपिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करेंगे. (Photo : NASA)

इनमें छोटे रॉकेट इंजन लगे होंगे. ये इंजन ड्रोन को धक्का देंगे जिससे वो एक जगह से उछलकर दूसरी जगह जा सकेगा. ये ड्रोन एक बार में करीब 1 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं. इस तकनीक से ये ऊंचे पहाड़ों और गहरे गड्ढों को आसानी से पार कर सकेंगे. (Photo : NASA)

ये ड्रोन एक ही लॉन्च में चांद पर भेजे जाएंगे और वहां पहुंचते ही आजाद स्पेसक्राफ्ट की तरह काम करेंगे. नासा के मुताबिक एक बार उड़ान भरने से लेकर लैंड करने तक का चक्र सिर्फ 150 सेकंड का होगा. (Photo : NASA)

Add News18 as
Preferred Source on Google

ये ड्रोन अपनी पूरी लाइफ में कुल 50 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं. इनमें सोलर पैनल लगे होंगे जो सूरज की रोशनी से बैटरी चार्ज करेंगे. (Photo : NASA)

साथ ही इनमें ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) भी होगा. यह रडार चांद की सतह के नीचे छिपे रहस्यों और बर्फ का पता लगाने में मदद करेगा. इसमें लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे चांद की जमीन की बारीकी से तस्वीरें लेंगे. (Photo : NASA)

चांद पर रात का तापमान बहुत ज्यादा गिर जाता है, जो किसी भी मशीन को खराब कर सकता है. मूनफॉल ड्रोन्स को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे उस भीषण ठंड में भी खुद को सुरक्षित रख सकें. इनमें एडवांस एवियोनिक्स और थर्मल कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है. (Photo : NASA)

अगर यह मिशन कामयाब रहा, तो यह भविष्य में इंसानों के रहने के लिए सही जगह चुनने में बड़ी भूमिका निभाएगा. ये ड्रोन न केवल तेजी से काम करेंगे बल्कि रोवर के मुकाबले ज्यादा लचीले भी होंगे. (Photo : NASA)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img