Viral Post: ‘कुछ करता ही नहीं’- 24 साल का बेटा, 40 लाख सैलरी, फिर भी परेशान हैं पिता


Last Updated:

Viral Post: सालाना 40 लाख का पैकेज, लेकिन माता-पिता को लगता है कि बेटा बेरोजगार है! AI के दौर में घर से काम करने वाले 24 वर्षीय युवा की यह कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है. जानें क्यों रिमोट वर्क और हाई सैलरी के बावजूद उसके पेरेंट्स परेशान हैं और क्या है यह पूरा दिलचस्प मामला.

Zoom

Viral Post: युवा के माता-पिता वर्क फ्रॉम होम कल्चर से परेशान हैं

नई दिल्ली (Viral Post). मान लीजिए कि आपकी उम्र 24 साल है और आप सालाना 40 लाख रुपये कमा रहे हैं. लेकिन आपके माता-पिता आपको देखकर चैन की सांस लेने के बजाय चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि आप दिनभर घर में खाली बैठे रहते हैं. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि 24 साल के भारतीय युवा की हकीकत है. उसकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इससे पता चलता है कि कैसे आज की डिजिटल जॉब्स और पुराने जमाने की ऑफिस जाने वाली नौकरी की परिभाषा आपस में टकरा रही है.

इस युवा के अंकल ने लिंक्डइन पर पोस्ट शेयर कर बताया कि वह एक विदेशी कंपनी के लिए रिमोटली (घर बैठे) काम करता है. उसका काम एआई सिस्टम को बेहतर बनाना है, जिसके लिए उसे भारी-भरकम सैलरी मिलती है. लेकिन उसके माता-पिता, जिन्होंने पूरी जिंदगी सुबह तैयार होकर ऑफिस जाते हुए लोगों को देखा है, उनके लिए ‘बिना ऑफिस जाए पैसा कमाना’ गले नहीं उतर रहा. उनके लिए बेटा बस लैपटॉप के सामने बैठा रहता है और उन्हें डर है कि उसका भविष्य अंधकार में है क्योंकि वह ‘कुछ करता ही नहीं’ है.

40 लाख का पैकेज और बेरोजगारी का ठप्पा: एआई युग की अनोखी कहानी

एक बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म के संस्थापक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर अपने भतीजे की लाइफ स्टोरी शेयर की है. उन्होंने लिखा कि 24 साल का यह लड़का एआई स्टार्टअप के साथ काम कर रहा है और उसका सालाना पैकेज 40 लाख रुपये है. यह रिमोट जॉब है. इसलिए वह अपने घर से ही काम करता है. लेकिन उसके माता-पिता के लिए उसकी यह सफलता रहस्य बनी हुई है.

माता-पिता की चिंता: दिनभर बैठा रहता है

भारतीय माता-पिता के लिए सफलता का मतलब अक्सर सफेद शर्ट पहनकर, टिफिन लेकर ऑफिस निकलना होता है. इस मामले में बेटा घर के कपड़ों में सोफे या बिस्तर पर बैठकर काम करता है. उसके माता-पिता अक्सर रिश्तेदारों और पड़ोसियों से कहते हैं- पता नहीं क्या करेगा, दिन भर कंप्यूटर पर लगा रहता है, कुछ काम-धंधा करता ही नहीं. उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि सिर्फ ‘टाइपिंग’ और ‘क्लिक’ करने से कोई इतने पैसे कमा सकता है.

एआई और रिमोट वर्क का नया दौर

आज एआई (AI) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में टैलेंट की भारी कमी है, जिसके कारण कंपनियां घर बैठे युवाओं को करोड़ों के पैकेज दे रही हैं. रिमोट वर्क ने भौगोलिक दूरियां खत्म कर दी हैं. अब एक युवा भारत के किसी छोटे शहर में बैठकर सिलिकॉन वैली की कंपनी के लिए काम कर सकता है. लेकिन यह बदलाव इतनी तेजी से आया है कि पिछली पीढ़ी की सोच इसके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रही है. उन्हें काम का नया फॉर्मेट और इतनी सैलरी समझ में नहीं आ रही है.

सोशल मीडिया पर गजब रिएक्शन

इस पोस्ट के वायरल होते ही नेटिजन्स ने मजेदार कॉमेंट्स की झड़ी लगा दी. किसी ने कहा, मेरे पिता को भी लगता है कि मैं सिर्फ गेम खेलता हूं तो किसी ने सलाह दी, भाई, कम से कम चश्मा और फॉर्मल शर्ट पहनकर बैठा कर, जिससे उन्हें लगे कि तू वाकई कुछ सीरियस काम कर रहा है. कई लोगों ने इसे ‘सक्सेसफुल मिडिल क्लास प्रॉब्लम’ करार दिया.

जनरेशन गैप और बदलती नौकरियां

यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि लाखों भारतीय घरों की कहानी है. जहां नई पीढ़ी ‘स्मार्ट वर्क’ और ‘डिजिटल एसेट्स’ पर यकीन करती है, वहीं पुरानी पीढ़ी फिजिकल प्रेजेंस और कड़ी मेहनत को ही असली काम मानती है. 40 लाख की सैलरी भी उस मानसिक संतुष्टि की जगह नहीं ले पा रही जो एक सरकारी नौकरी या ‘ऑफिस वाली जॉब’ से मिलती है.

About the Author

authorimg

Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img