रिकॉर्ड ऊंचाई से आधी से भी कम हुई चांदी की कीमत
चांदी की कीमतों में आई गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अपने रिकॉर्ड स्तर से आधे से भी नीचे आ चुकी है। इस साल जनवरी के आखिरी सप्ताह में चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उच्चतम स्तर छुआ था। इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली और शुक्रवार को इसका भाव 1,85,723 रुपये पर पहुंच गया।
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, सोने के लिए 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है तो कीमत 1.37 लाख से 1.38 लाख रुपये तक फिसल सकती है। वहीं, चांदी के लिए 1.83 लाख से 1.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर अगला प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कीमतें लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारी करने वालों के लिए आकर्षक हो सकती हैं। हालांकि, बाजार की अगली दिशा फेडरल रिजर्व की 8-9 दिसंबर को होने वाली बैठक, अमेरिकी महंगाई और रोजगार के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर आते हैं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका घटती है तो सोने-चांदी में रिकवरी संभव है। इसके उलट महंगाई के आंकड़े मजबूत रहने पर कीमतों में गिरावट और बढ़ सकती है। चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट आने की आशंका भी जताई गई है।




