सोना-चांदी में निवेश की क्या हो सकती है रणनीति?
कीमतों में गिरावट के बीच निवेशक एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। दिए गए विश्लेषण में पोर्टफोलियो का 15 फीसदी हिस्सा कीमती धातुओं में रखने और इस हिस्से में 70 फीसदी सोना तथा 30 फीसदी चांदी रखने की रणनीति सुझाई गई है। यह एक संभावित रणनीति है, हर निवेशक के लिए उपयुक्त अनुपात नहीं।
इसी तरह, एक लाख रुपये निवेश करने की स्थिति में शुरुआती 25 फीसदी रकम लगाने और शेष 75 फीसदी को अगले छह से आठ महीनों में किस्तों में बांटने का सुझाव दिया गया है। गोल्ड म्यूचुअल फंड और सिल्वर ETF के जरिए भी निवेश किया जा सकता है। हालांकि, निवेश से पहले अपनी आर्थिक स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
सोना और चांदी पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनकी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहता है। इसलिए मौजूदा गिरावट को निश्चित मुनाफे का अवसर मानने के बजाय सोच-समझकर फैसला करना जरूरी है। बाजार में धैर्य और सही रणनीति महत्वपूर्ण हैं, लेकिन नुकसान से बचने या उसकी भरपाई होने की कोई गारंटी नहीं है।




