ललन सिंह की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि अगर मुंगेर के सांसद चाहते तो सुलह की स्थिति बन सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद सुलह की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सुलह के पक्षधर नहीं थे।
इधर, नीरज ने अनंत सिंह से बधाई लेने पर कहा कि उनसे बधाई ले कौन रहा है, ऐसे लोगों से बधाई लेने पर तो पाप चढ़ता है। विधान परिषद चुनाव में जीत के बाद भी नीरज कुमार के इस बयान ने जेडीयू के भीतर चुनावी घटनाक्रम को लेकर जारी असहजता को उजागर किया है। अब राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि चुनाव के दौरान उभरे मतभेदों का पार्टी के भीतर आगे क्या असर पड़ता है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ




