अमेरिकी जॉब मार्केट ने ली एक और जान, हैदराबाद के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, US से बेटे की जगह घर लौटेगा उसका शव


नई दिल्ली. हैदराबाद के दम्मईगुडा की गलियों से निकलकर अमेरिका के सैन एंटोनियो तक का सफर केवल एक छात्र की उड़ान नहीं थी, बल्कि यह एक पूरे मध्यमवर्गीय परिवार के अरमानों का कारवां था. साल 2024 में जब साई प्रदीप उर्फ दीपू ने ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो’ (UTSA) में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए कदम रखा था, तब परिजनों की आंखों में गर्व और सुनहरे भविष्य के अनगिनत सपने थे. लेकिन महज दो साल के भीतर वही उम्मीदें आंसुओं के समंदर में तब्दील हो गईं, जब 21 अगस्त को सात समंदर पार से उसके सुसाइड की मनहूस खबर घर पहुंची.

परिवार और दोस्तों के मुताबिक, प्रदीप पिछले चार महीनों से अमेरिका के कड़े जॉब मार्केट में एक अदद नौकरी के लिए दिन-रात जूझ रहा था. डिग्री पूरी होने के बाद हर इंटरव्यू के साथ गिरती उम्मीदें और सिर पर बढ़ते दबाव ने उसे भीतर तक तोड़ दिया था. घर की उम्मीदों का बोझ और अनिश्चित भविष्य की चिंता उसे लगातार अवसाद के गहरे अंधेरे में धकेलती चली गई.

प्रदीप की कजिन दीप्ति उन्हें “प्यार करने वाले और दयालु इंसान, जो जिंदगी से भरपूर और पक्के इरादे वाले थे” के तौर पर याद करती हैं. उनके शव को घर वापस लाने के लिए उनकी कज़िन ने GoFundMe पर एक कैंपेन शुरू किया था. उस पर दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रदीप को बचपन से ही सेहत से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, “लेकिन उन्होंने कभी भी इन चुनौतियों को अपनी पहचान नहीं बनने दिया”.

दीप्ति ने लिखा, “सालों तक, अपनी सेहत और फिटनेस के प्रति दीपू के समर्पण ने उनके आस-पास के लोगों को प्रेरित किया. अनुशासन, कड़ी मेहनत और जिम में घंटों बिताकर उन्होंने खुद को बदला और दृढ़ संकल्प व निरंतरता की ताकत दिखाई. उन्हें हमेशा उनके मिलनसार स्वभाव, मजबूती और सकारात्मक ऊर्जा के लिए याद किया जाएगा.” अमेरिका में रहने के दौरान प्रदीप ने स्पेनिश भाषा सीखी, जो उनकी सीखने की उत्सुकता और लगन को दर्शाता है.

प्रदीप की बहन ने कहा, “उनके अचानक निधन से उनके माता-पिता, परिवार और चाहने वालों को ऐसा नुकसान हुआ है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.” एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दीप्ति ने प्रदीप के पार्थिव शरीर को भारत लाने और उनके अंतिम संस्कार के खर्च के लिए $35,000 जुटाने के मकसद से एक ‘GoFundMe’ कैंपेन शुरू किया है. अगर कोई रकम बचती है, तो उसका इस्तेमाल उनके माता-पिता की मदद के लिए किया जाएगा.

(डिस्क्लेमर: अगर आपके आसपास कोई शख्‍स ड‍िप्रेशन में है और आपको ऐसा लगता है कि उसके मन में खुद को नुकसान पहुंचाने का विचार आ रहा है या कोई खुद को नुकसान पहुंचाने कोश‍िश कर रहा है. ऐसे में आप 9152987821 हेल्‍पलाइन नंबर पर फोन कर तुरंत जानकारी दे सकते हैं, ताक‍ि एक कीमती जीवन को बचाया जा सके.)



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