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Which Is The World Longest Train Route : अगर आपको ट्रेन से सफ़र करना पसंद है, तो सोचिए कि हज़ारों किलोमीटर का सफ़र तय करते हुए ट्रेन में लगभग एक हफ़्ता बिताना कैसा होगा. दुनिया के सबसे मशहूर लंबी दूरी के रेल रूट में से एक, यात्रियों को रूस के विशाल इलाकों, बड़े शहरों, नदियों और साइबेरिया के नज़ारों से गुज़ारता है.
Which Is The World Longest Train Route : अगर आपको ट्रेन से सफ़र करना पसंद है, तो एक ऐसे रेल सफ़र के बारे में सोचिए जो लगभग एक हफ़्ते तक चलता है और जिसमें रास्ते में बदलते शहर, जंगल, पहाड़ और झीलें देखने को मिलती हैं. ऐसी ही एक ऐतिहासिक यात्रा है मॉस्को से व्लादिवोस्तोक तक की ट्रांस-साइबेरियन रेलवे यात्रा. यह रूस के विशाल इलाके से होकर गुज़रती है और दुनिया के सबसे मशहूर लंबी दूरी वाले रेलवे रूट में से एक है…
9,289 किलोमीटर का सफ़र : मॉस्को से रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक तक जाने वाला ट्रांस-साइबेरियन रेलवे रूट लगभग 9,289 किलोमीटर लंबा है. ट्रेन सर्विस के आधार पर, इस सफ़र को पूरा करने में 6 से 8 दिन लग सकते हैं. रास्ते में, ट्रेन रूस के कई बड़े शहरों और दूर-दराज़ के इलाकों से गुज़रती है. यह रूट न सिर्फ़ अपनी लंबाई के लिए, बल्कि यात्रियों को रूस के अलग-अलग तरह के भौगोलिक नज़ारों को करीब से दिखाने के लिए भी जाना जाता है.
8 टाइम ज़ोन से गुज़रना : इस सफ़र की सबसे दिलचस्प बातों में से एक यह है कि यह आठ टाइम ज़ोन से होकर गुज़रता है. जैसे-जैसे ट्रेन मॉस्को से पूरब की ओर बढ़ती है, लोकल समय लगातार बदलता रहता है. इससे यात्रियों को बदलते समय के साथ-साथ मौसम और प्राकृतिक नज़ारों में भी बदलाव देखने को मिलता है.
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रास्ते में शानदार नज़ारे : ट्रांस-साइबेरियन सफ़र के दौरान, यात्रियों को रूस के विशाल मैदान, घने जंगल, पहाड़ी इलाके और छोटे-बड़े शहरों का मिला-जुला नज़ारा देखने को मिलता है. यह रूट बैकाल झील इलाके से भी गुज़रता है, जिसे पूरे सफ़र का सबसे आकर्षक हिस्सा माना जाता है. जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती है, शहरों की हलचल पीछे छूट जाती है और प्राकृतिक नज़ारे ज़्यादा साफ़ दिखने लगते हैं. यह बदलाव सफ़र को आम ट्रेन यात्रा से बिल्कुल अलग अनुभव बना देता है.
यह कब बना था?: ट्रांस-साइबेरियन रेलवे का निर्माण 1891 में शुरू हुआ और इसे पूरा होने में दो दशक से ज़्यादा का समय लगा. इस रेल नेटवर्क ने रूस के यूरोपीय हिस्से को साइबेरिया और सुदूर पूर्व से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.
मॉस्को-प्योंगयांग रूट का भी रिकॉर्ड है: यहां एक फ़र्क समझना भी ज़रूरी है. बिना ट्रेन बदले सबसे लंबी रेल यात्रा की बात करें, तो मॉस्को से प्योंगयांग का रूट जो लगभग 10,214 किलोमीटर लंबा है गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रखता है; इस सफ़र का तय समय लगभग 7 दिन, 20 घंटे और 25 मिनट है.
वहीं, मॉस्को-व्लादिवोस्तोक ट्रांस-साइबेरियन सफ़र लगभग 9,289 किलोमीटर लंबा है और आठ टाइम ज़ोन से गुज़रता है. इसलिए, अलग-अलग संदर्भों में दोनों रूट को अक्सर “दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन यात्रा” कहा जाता है.




