Elon Musk X Update एलन मस्क का बड़ा कदम, कौनसी पोस्ट X ने हटाई और किसे सरकार ने रोका, मिलेगी पूरी जानकारी


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मस्क का बड़ा कदम, कौनसी पोस्ट X ने हटाई और किसे सरकार ने रोका, मिलेगी जानकारी

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐलान किया है कि अब सरकार की ओर से आने वाली किसी भी सेंसरशिप को छुपाया नहीं जाएगा. एक्स अब सरकारी टेकडाउन रिक्वेस्ट और कंटेंट हटाने की मांगों को सीधे यूजर को बताएगा करेगा.

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एलन मस्क (रॉयटर्स)

अब अगर कोई सरकारी विभाग एक्स से किसी पोस्ट को हटाने या किसी अकाउंट को बैन करने की मांग की तो प्लेटफॉर्म उस कार्रवाई को साफ तौर पर बताएगा. यूजर्स को यह भी बताया जाएगा कि किस सरकारी एजेंसी ने कार्रवाई की मांग की. इसके पीछे कौन सा कानूनी आधार या वजह बताई गई है.

एलन मस्क ने ऐलान किया है कि अगर किसी सरकार या सरकारी एजेंसी के कहने पर कोई कंटेंट हटाया जाता है या किसी अकाउंट पर रोक लगाई जाती है, तो एक्स इस बात की जानकारी उस यूजर्स को देगा. किसी पोस्ट की रीच कम हुई या उसे हटाया गया, तो यूजर्स के लिए इसे आसानी से समझ पाएगा. आसान होगा कि फैसला एक्स ने अपनी नीति के तहत लिया है या फिर किसी सरकार के दबाव या कानूनी आदेश के बाद कार्रवाई हुई है.

सरकार और फ्री स्पीच की बहस

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकारों के आदेशों का पालन करने और अभिव्यक्ति की आजादी के बीच संतुलन बनाने का दबाव है. एक्स को यूरोपीय संघ, भारत, तुर्की समेत कई देशों में अलग-अलग डिजिटल कानूनों का पालन करना पड़ता है. सरकारों की ओर से आने वाले कंटेंट हटाने के आदेशों की गिनती भी काफी ज्यादा है.

एक्स आमतौर पर स्थानीय कानूनों का पालन करता है. ऐसा नहीं करने पर कंपनी को भारी जुर्माने या किसी देश में प्लेटफॉर्म पर बैन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

अब सरकार की मांग छिपी नहीं रहेगी?

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर साफ दिख सकता है. पहले किसी पोस्ट को किसी खास देश में ब्लॉक किए जाने पर यूजर को हमेशा यह साफ तौर पर पता नहीं चलता था कि इसके पीछे सरकारी आदेश है या एक्स की अपनी मॉडरेशन नीति.

अब एक्स इसे ज्यादा खुला बनाने की कोशिश कर रहा है. समर्थकों का कहना है कि इससे लोगों को पता चलेगा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रोकने के पीछे असल में कौन है. हालांकि आलोचकों का सवाल है कि सिर्फ सरकारी आदेश पर लेबल लगा देना काफी है या एक्स को ऐसे आदेशों का ज्यादा मजबूती से विरोध भी करना चाहिए?

कुल मिलाकर, एक्स का नया कदम सोशल मीडिया पर सरकारी सेंसरशिप और फ्री स्पीच की बहस को और तेज कर सकता है. अब यूजर्स के सामने यह ज्यादा साफ हो सकेगा कि उनकी स्क्रीन से कोई कंटेंट गायब होने के पीछे प्लेटफॉर्म की नीति है या किसी सरकार का आदेश.

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सज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…

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