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Mount Abu Wildlife Tour: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में पर्यटकों के लिए प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों को देखने के कई बेहतरीन विकल्प हैं. यदि आप चिड़ियाघर के बजाय जंगल में जानवरों को देखना चाहते हैं, तो टाइगर पाथ पर 8 किमी लंबी ट्रेकिंग कर सकते हैं. इसके अलावा, सनसेट पॉइंट, नक्की लेक ट्रेक, अधर देवी मंदिर की सीढ़ियाँ, सालगांव तालाब और अंग्रेजों के जमाने का ट्रेवर्स टैंक प्रमुख स्थल हैं. यहाँ तेंदुए, स्लॉथ बेयर (भालू), मगरमच्छ और ग्रे लंगूर जैसे जीव खुलेआम घूमते हुए देखे जा सकते हैं.
अगर आप माउंट आबू घूमने आए रहे हैं, तो माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी के सबसे लंबे नेचुरल ट्रेल यानी टाइगर पाथ पर जंगल ट्रेकिंग का आनंद ले सकते है. ये जगह वन्यजीव क्षेत्र में होने से वन विभाग की अनुमति और प्रशिक्षित गाइड साथ होना जरूरी है. यह करीब 8 किलोमीटर लंबा नेचुरल ट्रेल है. जहां कई तरह के वन्यजीव जैसे स्लॉथ बेयर, लेपर्ड और अन्य वन्यजीव अक्सर देखे जा सकते है.

माउंट आबू का सनसेट पॉइंट वन्यजीव क्षेत्र में बना एक व्यू पॉइंट हैं. जहां से आप डूबते सूरज के नजारों के साथ वन क्षेत्र में पाए जाने वाले पशु पक्षियों को उनके नेचुरल स्थान पर खुला घूमते देख सकते हैं. यहां आपको ग्रे लंगूर और शाम के समय कई बार स्लॉथ बेयर समेत वन्यजीव देखने को मिल जाते है. यहां आने के लिए आपको वन विभाग से निर्धारित टिकट लेना जरूरी है.

माउंट आबू का शक्ति पीठ अधर देवी मंदिर वन क्षेत्र के नजदीक होने से यहां भक्तों के लिए बनी सीढ़ियों और मंदिर द्वार पर कई बार वन्यजीव देखने को मिल जाते है. कई बार मंदिर की सीढ़ियों पर भालू को गुजरते हुए देखा जा चुका है. इसके अलावा ग्रे लंगूर यहां नज़र आना आम बात है. हवन्यजीव यहां मंदिर में दर्शन करने आने वाले किसी भक्त पर हमला नहीं करते है.
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माउंट आबू की नक्की लेक से शुरू होकर सनसेट प्वाइंट तक बना ये नेचुरल ट्रेल जंगल ट्रेकिंग के लिए पसंदीदा स्थान है. ये करीब 2.5 किलोमीटर का रास्ता है. जहां आपको कई तरह के जंगली जानवर और पक्षी देखने को मिल जाते है. नक्की लेक से पैदल चलकर सीधे सनसेट प्वाइंट तक जंगल से होकर लोग गुजरते हैं.

माउंट आबू से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर बने सालगांव तक पैदल पहुंचने के लिए बना ये रास्ता वन क्षेत्र से होकर गुजरता है. सालगांव तालाब पर कई वन्यजीव पानी पीने आते है. तालाब कुछ दूरी पर बने वाच टावर तक पैदल चलकर आप जंगल ट्रेकिंग का मजा भी ले सकते है.

माउंट आबू के वाइल्ड लाइफ एरिया में बना ये मानव निर्मित तालाब अंग्रेजों के समय बना था. अंग्रेज अधिकारी के नाम पर ही इसे ट्रेवर्स टैंक के नाम से पहचाने जाने लगा. यहां सबसे ज्यादा मगरमच्छ, रंगीन मछलियां, ग्रे लंगूर, स्लॉथ बेयर समेत अन्य वन्यजीव देखे जा सकते है. यहां आने के लिए भी वन विभाग से निर्धारित टिकट लेकर पूरे इलाके में घूमा जा सकता है. यहां तालाब के किनारे दो पहाड़ों पर व्यू पॉइंट भी बने है. जहां से आप सुंदर नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं.




