व्हाइट हाउस में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें तबाह करना होगा। अगर वे यह समझते हैं तो यह उनके लिए ठीक रहेगा।”
दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने या सेवा शुल्क लेने को लेकर बातचीत चल रही है। ब्लूमबर्ग ने 21 मई को पहली बार इस तरह की खबर दी थी।
बाद में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बातचीत सीधे टोल टैक्स लगाने की नहीं थी, बल्कि जहाजों से सेवाओं के बदले शुल्क लेने के एक अलग प्रस्ताव पर केंद्रित थी।
ट्रंप की तीखी टिप्पणी ने क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है, क्योंकि ओमान को लंबे समय से अमेरिका का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद खाड़ी साझेदार माना जाता रहा है।





