AC-कूलर नहीं… तेज धूप से झुलस गई स्किन? मुखालेप थैरेपी बन रही समर स्किन केयर का नया सुपरहिट फॉर्मूला


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Summer Skin Care Tips: भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण लोगों को टैनिंग, चेहरे की जलन और स्किन डैमेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में मुखालेप थैरेपी लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. आयुर्वेद आधारित यह विशेष थैरेपी चेहरे को ठंडक पहुंचाने के साथ टैनिंग और जलन को कम करने में मदद करती है. विशेषज्ञों के अनुसार, मुखालेप थैरेपी में प्राकृतिक और हर्बल तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है, जो त्वचा को ठंडक देकर उसे रिलैक्स महसूस कराते हैं. यह थैरेपी स्किन को हाइड्रेट रखने और धूप से हुए नुकसान को कम करने में भी कारगर मानी जा रही है.

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बीकानेर. भीषण गर्मी के बीच त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए आयुर्वेदिक उपचार राहत का माध्यम बन रहा है. राजकीय आयुर्वेद औषधालय, बीकानेर शहर में इन दिनों गर्मी से होने वाली टैनिंग, चेहरे की जलन और त्वचा की अन्य समस्याओं के लिए विशेष आयुर्वेदिक मुखालेप थैरेपी दी जा रही है. यह थैरेपी पूरी तरह प्राकृतिक एवं हर्बल औषधियों से तैयार की जाती है, जिसमें किसी प्रकार के रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता. प्राकृतिक औषधियों से तैयार यह मुखालेप गर्मियों में त्वचा की देखभाल का एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है.

राजकीय आयुर्वेद औषधालय की चिकित्सक डॉ. दीपिका सारस्वत ने बताया कि आयुर्वेद में गर्मी से बचाव और शरीर को शीतलता प्रदान करने के लिए कई प्रकार की थैरेपी उपलब्ध हैं. गर्मियों में विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों को धूप के कारण चेहरे पर टैनिंग, जलन और त्वचा के काले पड़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए औषधालय में मुखालेप थैरेपी दी जा रही है.

त्वचा को ठंडक मिलती है
उन्होंने बताया कि यह लेप रक्तप्रसाधक एवं शीतल गुणों वाली औषधियों से तैयार किया जाता है. इसमें मुख्य रूप से मुल्तानी मिट्टी, रक्त चंदन, सारीवा, मंजिष्ठा तथा दूर्वा जैसे औषधीय द्रव्यों का उपयोग किया जाता है. इन सभी को गुलाबजल और कच्चे दूध के साथ मिलाकर विशेष लेप तैयार किया जाता है. इसके बाद इस लेप को चेहरे पर लगाया जाता है, जिससे त्वचा को ठंडक मिलती है और धूप से हुई क्षति को कम करने में मदद मिलती है.

डॉ. सारस्वत ने बताया कि यह उपचार केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों और बच्चों के लिए भी उपयोगी है. चूंकि इसमें किसी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता, इसलिए यह त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है. नियमित रूप से लेप लगाने से चेहरे की टैनिंग कम होती है और जलन की समस्या में भी राहत मिलती है.

पिगमेंटेशन की समस्या को पूरी तरह ठीक
उन्होंने बताया कि चेहरे पर होने वाली पिगमेंटेशन की समस्या को पूरी तरह ठीक होने में तीन से छह माह तक का समय लग सकता है. इसके लिए मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग आयुर्वेदिक उपचार और थैरेपी दी जाती हैं, जिसके बाद मुखालेप का उपयोग कराया जाता है. वर्तमान में गर्मी के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रतिदिन पांच से अधिक महिलाएं इस उपचार के लिए औषधालय पहुंच रही हैं.

सप्ताह में दो बार लगाने की सलाह दी जाती
मुखालेप के उपयोग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसे लगातार एक सप्ताह तक लगाया जाता है. इसके बाद सप्ताह में दो बार लगाने की सलाह दी जाती है. यह लेप केवल दिन के समय लगाया जाता है और चेहरे पर लगभग 15 से 20 मिनट तक रखा जाता है. विशेष ध्यान रखा जाता है कि लेप पूरी तरह सूखने न पाए, क्योंकि इससे इसके औषधीय गुणों का बेहतर लाभ मिलता है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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