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Health Tips : भीषण गर्मी में नकसीर फूटना आम है. अचानक राह चलते अगर नाक से खून आता है तो लोग डर जाते हैं. जब ऐसा होता है तो लेटने की गलती बिल्कुल भी न करें. दून अस्पताल के एईएनटी एक्सपर्ट डॉ. आरएस बिष्ट लोकल 18 से बताते हैं कि ड्राई वेदर के कारण या ज्यादा एसी के इस्तेमाल से नेजल लाइनिंग सूखकर क्रेक्ड हो जाती है. कई लोगों को एलर्जी या हाई ब्लड प्रेशर से भी रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं. ऐसे में नाक से सांस लेने के बजाय मुंह से सांस लें.
देहरादून. इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है और भीषण गर्मी पड़ रही है. ज्यादातर लोगों को इसमें कई तरह की परेशानियां होती है, जिनमें से एक नकसीर फूटना भी है. अचानक रास्ते में चलते हुए अगर नाक से खून आता है तो लोग डर जाते हैं, लेकिन आप घबराएं नहीं. जब ऐसा होता है तो लेटने की गलती बिल्कुल भी न करें क्योंकि यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. ऐसा होने पर आप ऊपर मुंह करके किसी कुर्सी पर बैठ जाइए. नाक को 5 से 7 मिनट तक दबा कर रखिए और मुंह से सांस लीजिए. दून अस्पताल के एईएनटी एक्सपर्ट डॉ. आरएस बिष्ट लोकल 18 से बताते हैं कि ड्राई वेदर के कारण या ज्यादा एसी के इस्तेमाल से नेजल लाइनिंग सूखकर क्रेक्ड हो जाती है. इसके बाद कमजोर रक्त वाहिकाएं टूटने लगती हैं जिसके चलते नाक से ब्लीडिंग होने लगती है. नेजल लाइनिंग में इंफ्लामेशन होने पर ध्यान दें. कई लोगों को एलर्जी या हाई ब्लड प्रेशर से भी रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं और ब्लीडिंग होने लगती है.
ये दो चीजें भी जिम्मेदार
डॉ. बिष्ट का कहना है कि सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य शारीरिक चलते भी नकसीर फूटने के लिए जिम्मेदार होते हैं. यदि किसी व्यक्ति की नेजल लाइनिंग में इंफ्लामेशन यानी सूजन आ गई है, तो उस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. कई लोगों को धूल-मिट्टी से होने वाली एलर्जी या हाई ब्लड प्रेशर मरीजों में रक्त का दबाव बढ़ने से नाक की महीन नसें आसानी से फट जाती हैं और खून बहने लगता है.
इन गलतियों से बचें
डॉ. बिष्ट कहते हैं कि अक्सर देखा जाता है कि जब किसी की नाक से खून आता है तो लोग उसे तुरंत बेड पर सीधा लेटने की सलाह देते हैं. नकसीर फूटने पर लेटने की गलती बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए. जब आप सीधे लेटते हैं तो नाक से निकलने वाला खून वापस गले के रास्ते आपके पेट या सांस की नली में जा सकता है, जिससे चोकिंग या उल्टी होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए आपको इस पुरानी धारणा को बदलने की जरूरत है.
तुरंत अपनाएं ये फर्स्ट एड टिप्स
डॉ. बिष्ट के मुताबिक, अगर नाक से खून आता है तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाने की कोशिश करें क्योंकि नाक से खून आने की वजह जानना जरूरी है जिससे इलाज किया जा सके. अगर आपके सामने किसी की नकसीर फूट जाए तो सबसे पहले शांत रहें और उसे ऊपर की तरफ मुंह करके किसी आरामदायक कुर्सी पर बिठा दें. इसके बाद मरीज की नाक को आगे के हिस्से से उंगलियों की मदद से कम से कम 5 से 7 मिनट तक कसकर दबाकर रखें. इस दौरान मरीज को नाक से सांस लेने के बजाय मुंह से सांस लेने को कहें. नाक को दबाकर रखने से कटी हुई नस पर दबाव बनता है और ब्लीडिंग तुरंत रुक जाती है. गर्मी के इस मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखें और नाक में सूखापन न होने दें.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें





