संगठन ने पहले इबोला को ‘अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया था, साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि ये महामारी के स्तर पर नहीं है।
इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण कई देशों की सरकारें अलर्ट मोड पर आ चुकी हैं। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, भारत सरकार और अफ्रीकी संघ ने इबोला के प्रकोप को देखते हुए चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (आईएएफएस IV) को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है।
पहले आईएएफएस IV शिखर सम्मेलन का आयोजन 28-31 मई तक नई दिल्ली में होने वाला था। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि दोनों पक्षों ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बदलती स्वास्थ्य स्थिति पर अपने विचार साझा किए और पूरे महाद्वीप में पब्लिक स्वास्थ्य की तैयारी और रिस्पॉन्स कैपेसिटी को मजबूत करने में लगातार सहयोग के महत्व को दोहराया, इसमें अफ्रीका सीडीसी और संबंधित राष्ट्रीय संस्थान का समर्थन करना भी शामिल है।





