Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के चार दिनों के दौरे पर आए हुए हैं. वह अकेले नहीं हैं, बल्कि पत्नी जीनेट डी. रुबियो भी उनके साथ मौजूद हैं. दोनों फ्लाइट से बाहर आते समय एक दूसरे का हाथ थामे नजर आते रहे. रुबियो का यह भारत दौरा जितना खास है, उतना ही खास उनकी लव स्टोरी भी है. मार्को और जीनेट की नजरें पहली बार 36 साल पहले मिली थीं. उस समय दोनों ने एक-दूसरे का जो हाथ थामा, वो आज भी मजबूत बंधन में बंधा है. जीवन में आगे बढ़ने की जद्दोजहद और सियासी सपने बुनने के बीच मार्को ने रोमांटिक अंदाज में जीनेट को प्रपोज भी किया था.
मार्को रुबियो आज दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में अहम पद पर काबिज हैं. उनकी अपनी खुद की हासिल की हुई पहचान और प्रसिद्धि है. अमेरिका में ही एक तबका उनको अगले राष्ट्रपति तक के रूप में देखता है. मार्को रुबियो और जेनेट डौस्डेबेस रुबियो के बीच प्रेम की कहानी की शुरुआत बेहद साधारण और खूबसूरत तरीके से होती है. यह किसी भी कपल के लिए सपने के जैसा हो सकता है.
यह बात 1990 में गर्मियों के मौसम की है, जब वेस्ट मियामी में हुई एक पार्टी में दोनों पहली बार टकराए थे. क्यूबा मूल के मार्को बड़े-बड़े सपने देखने वाले एक 19 साल के कॉलेज के लड़के थे. पार्टी में उनकी मुलाकात कोलंबियाई मूल की 17 साल की लड़की से हुई थी, जिसके भीतर एक ऐसी शांत आंतरिक शक्ति थी, जिसे पूरी तरह से समझने में उसे कई दशक लग गए.
भारत दौरे पर विमान से उतरते मार्को और जीनेट
मार्को एक ऐसे परिवार से आते थे जिसने सबकुछ जीरो से खड़ा किया था. उनके पिता मारियो ने कई सालों तक एक बैंक्वेट बारटेंडर के रूप में काम किया. वह बार के पीछे हर शिफ्ट में घंटों तक पैरों पर खड़े रहते थे. उन्होंने एक बार कहा था कि संघर्ष के दौरान पूरे टाइम वह बार में कमरे के पिछले हिस्से में सिर्फ इसलिए खड़े रहे ताकि एक दिन उनका बेटा सामने मंच पर खड़ा हो सके.
उनकी मां ओरियालेस क्यूबा के एक कच्चे फर्श वाले एक कमरे के घर में पली-बढ़ी थीं. उनके बचपन की गुड़िया कोक की बोतलों से बनी थीं, जिन्हें फटे-पुराने कपड़े पहनाए गए थे और वे अमेरिका आकर एक होटल में सफाई कर्मचारी और के-मार्ट में कैशियर के रूप में काम करने लगीं. ये वे लोग थे जिन्होंने किसी भी क्लासरूम या कोर्टरूम से पहले मार्को रुबियो के व्यक्तित्व को गढ़ा था.
यह बात हो गई मार्को के मां-बाप के संघर्षमय जीवन की. अब लौटते हैं, उस पार्टी की बात पर. मार्को की पत्नी जीनेट ने बाद में एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने तुरंत ही ध्यान दिया कि मार्को दूसरों से अलग थे और उनमें अपनी उम्र के किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में एक अलग ही गहराई थी. वे पहले करीबी दोस्त बने. फिर धीरे-धीरे उनके बीच कुछ और गहरा रिश्ता बन गया.
अब बात करें जीनेट की तो उन्होंने एक बैंक टेलर के रूप में काम किया. फिर 1997 की शुरुआत में वह अपनी बहन के साथ एक पेशेवर चीयरलीडर के रूप में ‘मियामी डॉल्फिन’ में शामिल हो गईं. यह अमेरिका के सबसे पसंदीदा NFL फ्रेंचाइज में से एक के लिए परफॉर्म कर रही थीं और उसी साल टीम के पहले स्विमसूट कैलेंडर में भी दिखाई दीं.
मार्को रुबियो और पत्नी जीनेट
दूसरी तरफ मार्को अपनी लॉ की पढ़ाई पूरी कर रहे थे. राजनीति के सपने देख रहे थे और आने वाले कल की नींव रख रहे थे. 1990 की पार्टी में मार्को और जीनेट ने करीब आने के बाद के शुरुआती जीवन के उतार-चढ़ावों के बीच एक-दूसरे को समझते हुए अगले 7 साल बिताए. बीच में एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच छोटा-मोटा मनमुटाव भी हुआ.
1997 में वैलेंटाइन डे के दिन मार्को ने जीनेट को खास फिल्मी अंदाज में प्रपोज किया.वे उनको न्यूयॉर्क शहर ले गए और उन्हें एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के ऑब्जर्वेशन डेक पर ले गए. ये वो जगह थी, जो जीनेट की फेवरेट मूवी Sleepless in Seattle की वजह से मशहूर थी. उन्होंने इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर जीनेट की उंगली में अंगूठी पहनाई. बिल्डिंग से नीचे आने के बाद उन्होंने वह अंगूठी दोबारा ठीक से पहनाई.
उन्होंने 1998 में कोरल गेबल्स के ‘चर्च ऑफ द लिटिल फ्लावर’ में शादी कर ली. खास बात यह थी कि यह उसी वर्किंग क्लास का इलाका था, जहां उनके दोनों परिवारों ने अमेरिका में अपने जीवन का निर्माण किया था. वे इसे छोड़कर कभी कहीं नहीं गए. वे आज भी वेस्ट मियामी में रहते हैं, उस छोटे से घर से महज कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर, जिसकी मालकिन आज भी मार्को की मां हैं. और जहां उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश की थी.





