क्या कोरोनावायरस से भी ज्यादा घातक है इबोला वायरस? दिखते हैं ये 12 लक्षण, जानें कैसे फैलता है, बचाव के उपाय


What is Ebola Virus and its symptoms: डब्ल्यूएचओ (World Health Organization) ने इबोला (Ebola) के बढ़ते मामलों को देखकर इसे ग्लोबल हेल्थ एमरजेंसी घोषित कर दिया है. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैले संक्रमण को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किए जाने के बाद कर्नाटक सरकार भी सतर्क हो गई है. संभावित खतरे को देखते हुए राज्य में निगरानी और स्वास्थ्य तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है. भारत भी इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए एलर्ट हो गया है. बेंगलुरु और मंगलुरु में विशेष सेंटर बनाया गया है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी चेस्ट डिजीज इंस्टीट्यूट को आइसोलेशन सेंटर के रूप में तैयार किया गया है. ऐसा तब किया गया है, जब यहां इबोला के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं. फिलहाल इनके सैंपल को पहले एनआईवी बेंगलुरु में जांचे जाएंगे और पुष्टि के लिए एनआईवी पुणे भेजा जाएगा.

भारत में इबोला का नहीं है कोई मामला
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि अभी तक भारत में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार को देखते हुए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं.

क्या है इबोला?
विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला एक बेहद ही गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है. यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से फैलती है. इसके लक्षण तेजी से बढ़कर बेहद गंभीर हो सकते हैं. शुरुआती लक्षणों में सामान्य बुखार होता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति गंभीर हो सकती है. इबोला संक्रमित व्यक्ति के खून, अंगों और शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है. संक्रमित कपड़े, बिस्तर और सिरिंज जैसी वस्तुएं भी संक्रमण का कारण बन सकती हैं. स्वास्थ्यकर्मियों और मरीज के करीबी लोगों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा होता है.

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कैसे फैलता है इबोला?
संक्रमित व्यक्ति के खून या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से.
संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से.
संक्रमित वस्तुओं को छूने से.

इबोला से बचाव के उपाय
संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें.
हाथों को बार-बार साबुन से धोएं.
मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करें.

कब जाएं डॉक्टर के पास?
यदि आपको तेज बुखार आए, लगातार कमजोरी महसूस हो, उल्टी-दस्त, ब्लीडिंग हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें. इबोला का समय पर इलाज और आइसोलेशन बेहद जरूरी होता है.

क्या हैं इबोला के लक्षण– इबोला वायरस के संपर्क में आने के बाद आमतौर पर 2से 21 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसमें निम्न लक्षण नजर आ सकते हैं-

तेज बुखार
कमजोरी और थकान
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
गले में खराश
उल्टी और दस्त
पेट दर्द
शरीर पर लाल चकत्ते
आंखों का लाल होना
शरीर के अंदर और बाहर ब्लीडिंग होना
सांस लेने में तकलीफ

स्वास्थ्य विभाग की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. समय पर जांच, निगरानी और सावधानी से इबोला के संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.



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