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Pali Travel News: राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच पाली का लखोटिया तालाब इन दिनों लोगों के लिए राहत और सुकून का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और तालाब के आसपास बहने वाली ठंडी हवाओं के कारण इसे अब ‘पाली का मिनी उदयपुर’ कहा जाने लगा है. जेठ की तपती दुपहरी में भी यहां का मौसम शिमला जैसी ठंडक का अहसास कराता है. सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने, फोटोग्राफी करने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंचते हैं. तालाब के आसपास बना गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और शांत वातावरण इसे खास पर्यटन स्थल बनाते हैं.
पाली. जब भी राजस्थान में झीलों और पानी के किनारों पर सुकून तलाशने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम उदयपुर का आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मारवाड़ के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले पाली शहर के दिल में भी एक ऐसा तालाब धड़कता है, जो अपनी खूबसूरती और आबोहवा से उदयपुर की याद दिला देता है?जी हां, हम बात कर रहे हैं पाली के ऐतिहासिक और बेहद खूबसूरत लखोटिया तालाब की. यह सिर्फ एक जलाशय नहीं है, बल्कि पालीवासियों के लिए गर्मियों के सितम के बीच सुकून का एक जादुई टापू है.
इन दिनों पूरा मारवाड़ भीषण गर्मी और लू की चपेट में है. दिन के समय जब पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है और सड़कें सूनी हो जाती हैं, तब पाली शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक लखोटिया तालाब आमजन के लिए राहत का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है. इस तालाब ने अपनी खूबसूरती और ठंडी आबोहवा से एक बार फिर साबित कर दिया है कि इसे यूं ही पाली का ‘मिनी उदयपुर’ नहीं कहा जाता.
पानी की लहरों से आती ठंडी हवाएं
जेठ की दुपहरी में जब बाहर निकलना मुश्किल होता है, तब लखोटिया तालाब के किनारे बैठने पर एक अलग ही दुनिया का अहसास होता है. सबसे बडे जलाशय के ठंडे पानी से टकराकर आने वाली हवाएं किसी महंगे एसी या कूलर से भी ज्यादा सुकून देती हैं. यह महज एक पानी का भराव क्षेत्र नहीं है, बल्कि कंक्रीट के जंगल में बदल रहे शहर के बीच यह गर्मी के सितम से बचने का एक ‘जादुई टापू’ बन चुका है.
आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम
लखोटिया तालाब सिर्फ अपनी भौगोलिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि यहां स्थित भव्य और ऐतिहासिक शिव मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है. तालाब के बीचों-बीच विराजमान महादेव का मंदिर और उसके चारों तरफ पानी का आकर्षित दृश्य हर किसी को अपनी और खींचने का काम करता है. बडी संख्या में यहां पर सुबह और शाम भक्तों की भीड भगवान शिव के दर्शन के लिए लगती है. शायद यही वजह है कि दर्शन के साथ लोग अब गर्मियों में यहां सुकून भी महसूस करते है.
केवल तालाब नही बल्कि शहर का ऑक्सीजन हब
तालाब के चारों ओर बना हरा-भरा गार्डन और आकर्षक छतरियां इसे शहर का सबसे बड़ा ‘ऑक्सीजन हब’ बनाती हैं. सुबह की ताजी हवा में मॉर्निंग वॉक करने वाले शहरवासी हों या शाम ढलते ही ठंडी हवाओं का लुत्फ उठाने आने वाले परिवार और युवा, हर किसी की पहली पसंद यही जगह है. भीषण गर्मी के इस दौर में लखोटिया तालाब पालीवासियों के लिए प्रकृति का वह अनमोल तोहफा है, जो तपते रेगिस्तान में जीवन और शीतलता बांट रहा है.
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